COVID-19 के गंभीर संक्रमण के खिलाफ AstraZeneca vaccine खरी उतरी, अमेरिकी परीक्षण में की गई पुष्टि
एस्ट्राजेनेका की ओर से अमेरिका चिली और पेरू में कराए गए तीसरे चरण के परीक्षण में यह वैक्सीन सुरक्षित और उच्च स्तर पर प्रभावी पाई गई है। ब्रिटेन ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका में भी टीके का परीक्षण किया गया। यह वैक्सीन कोरोना के खिलाफ असरदार पाई गई थी।
लंदन, एजेंसियां । कोरोना के खिलाफ लड़ाई में एस्ट्राजेनेका वैक्सीन को लेकर उपजी तमाम आशंकाओं के बीच एक अच्छी खबर सामने आई है। अमेरिका और दो दक्षिण अमेरिकी देशों में बड़े पैमाने पर किए गए एक परीक्षण में यह वैक्सीन कोरोना के खिलाफ 79 फीसद प्रभावी पाई गई है। जबकि गंभीर संक्रमण की रोकथाम में 100 फीसद खरी साबित हुई है। ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका कंपनी की ओर से विकसित इस टीके का उत्पादन भारत के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा भी किया जा रहा है।
कई देशों में हुए परीक्षण में सफल रही वैक्सीन
एस्ट्राजेनेका की ओर से अमेरिका, चिली और पेरू में कराए गए तीसरे चरण के परीक्षण में यह वैक्सीन सुरक्षित और उच्च स्तर पर प्रभावी पाई गई है। इससे पहले ब्रिटेन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका में भी इस टीके का परीक्षण किया गया था। इसमें भी यह वैक्सीन कोरोना के खिलाफ असरदार पाई गई थी। अमेरिकी परीक्षण में वैक्सीन सभी उम्र और समुदाय के लोगों में समान रूप से प्रभावी साबित हुई है। 65 वर्ष और इससे ज्यादा उम्र के प्रतिभागियों में वैक्सीन 80 फीसद असरदार मिली है।
टीका परीक्षण के प्रमुख एंड्रयू पोलार्ड ने दी हरी झंडी
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और टीका परीक्षण के प्रमुख एंड्रयू पोलार्ड ने कहा, 'यह नतीजा मिलना अच्छी खबर है, क्योंकि इससे टीके के प्रभाव का पता चलता है। ऑक्सफोर्ड के ट्रायल के नतीजों में भी टीका समान रूप से प्रभावी रहा है। हम यह उम्मीद कर सकते हैं कि टीके के इस्तेमाल से सभी उम्र और पृष्ठभूमि के लोग कोरोना के खिलाफ मजबूती से मुकाबला कर सकते हैं।'बता दें कि ट्रायल के ये नतीजे ऐसे समय सामने आए हैं, जब इस माह के प्रारंभ में कई यूरोपीय देशों में इस वैक्सीन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई थी। कुछ खबरों में रक्त का थक्का बनने से इस टीके को जोड़ दिया गया था। हालांकि बाद में सुरक्षित पाए जाने पर टीकाकरण बहाल कर दिया गया।
ट्रायल में शामिल रहे 32 हजार लोग
एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के ट्रायल में 32 हजार से ज्यादा लोगों को शामिल किया गया था। इनको वैक्सीन की दो खुराक दी गई थी। दोनों डोज में चार हफ्ते का अंतराल रखा गया था।