Russia Elections 2021: रूस के ड्यूमा राज्य में बहुमत के साथ पहुंची क्रेमलिन समर्थक पार्टी

Russia Elections 2021 रूस की सत्ताधारी पार्टी यूनाइटेड रशिया को संसद के निचले सदन स्टेट ड्यूमा के आठवें दीक्षांत समारोह में 450 में से 324 सीटें मिली हैं। रूस में इसके आधिकारिक चुनाव परिणाम सामने आए हैं। बहुमत के साथ पहुंची क्रेमलिन समर्थक पार्टी।

Shashank PandeySat, 25 Sep 2021 11:46 AM (IST)
पुतिन की सत्तारूढ़ यूनाइटेड रशिया पार्टी ने बहुमत बरकरार रखा।(फोटो: फाइल)

मास्को, एजेंसियां। Russia Elections 2021, रूस के निर्वाचन अधिकारियों ने शुक्रवार को आधिकारिक रूप से अंतिम परिणाम की घोषणा कर दी। पिछले सप्ताह देश में संसदीय चुनाव के लिए मतदान कराए गए थे। बड़े पैमाने पर आचार संहिता के उल्लंघन और मतदाता जालसाजी की घटनाओं के बीच क्रेमलिन की पार्टी ने अपना सुपर बहुमत का रुतबा बरकरार रखा।रूस के केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने नई संसद या स्टेट ड्यूमा के लिए चुनाव परिणाम की घोषणा की। परिणाम में यूनाइटेड रसिया को 225 सीटों के लिए 49.8 फीसद मत मिले। अन्य 225 सदस्य सीधे मतदाताओं के द्वारा चुने गए हैं। यूनाइटेड रसिया के 198 प्रत्याशी इस दौड़ में सफल रहे हैं। वर्षो से संसद में दबदबा रखने वाली क्रेमलिन समर्थित पार्टी को 324 से 450 सीटें मिलेंगी। क्रेमलिन लाइन विरोधी तीन अन्य पार्टियों के हिस्से में शेष सीटें आएंगी।

व्लादिमीर पुतिन की सत्तारूढ़ यूनाइटेड रशिया पार्टी ने तीन दिवसीय चुनाव के बाद रूसी संसद में अपना बहुमत बरकरार रखा है, जोकि अधिकांश विपक्षी राजनेताओं को इस चुनाव में भाग लेने से रोक दिए जाने के बाद, इस चुनाव प्रक्रिया पर विभिन्न नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाये गये थे। अधिकांश मतपत्रों की गिनती के साथ, रूसी चुनाव आयोग ने यह घोषणा की है कि, यूनाइटेड रशिया पार्टी ने संसद के निचले सदन में लगभग दो-तिहाई बहुमत बरकरार रखते हुए तकरीबन 50% वोट हासिल किए हैं।

हालांकि उक्त पार्टी ने रूसी संसद में अपना बहुमत बरकरार रखा लेकिन वर्ष, 2016 के संसदीय चुनाव की तुलना में, इसने इस बार अपने समर्थन का पांचवां हिस्सा खो दिया, तब इस पार्टी ने 54 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल किए थे।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन वर्ष, 1999 से रूस में राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री के रूप में सत्तारूढ़ हैं।

रूस में एससीओ देशों ने संयुक्त सैन्य अभ्यास पूरा किया

ओरेनबर्ग, एएनआइ शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों ने रूस के ओरेनबर्ग में 12 दिनों तक चला संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास शुक्रवार को पूरा कर लिया। संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास में सभी एससीओ देशों के सशस्त्र बल शामिल थे। भारतीय सेना ने कहा कि इसका लक्ष्य एससीओ के सदस्य देशों के बीच रिश्तों को और गहरा करना और बहुदेशीय सैन्य टुकडि़यों की कमान करने की क्षमता में वृद्धि करना था। चीफ आफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत गुरुवार को वैलिडेशन सैन्य अभ्यास के गवाह बने और उन्होंने इसको लेकर संषोष जताया। यह अभ्यास 14 सितंबर को शुरू हुआ था और सदस्य देशों ने आतंकवाद से मुकाबले पर केंद्रित संयुक्त अभ्यास किया।

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