भारत करेगा रूसी कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक V की 30 करोड़ डोज का उत्पादन, तैयारियां हुई तेज

रूस की कोरोना वायरस वैक्सीन स्पुतनिक-V। (फोटो: एपी)

रूस में विकसित स्पुतनिक V वैक्सीन के परिणाम काफी असरदार आए हैं। रूसी वैक्सीन स्पूतनिक-5 ने क्लीनिकल ​​ट्रायल के अंतिम नियंत्रण बिंदु के डाटा विश्लेषण के आधार पर 91.4 प्रतिशत प्रभावकारिता दर्ज कराई है। यह नतीजे काफी असरदार हैं।

Publish Date:Fri, 18 Dec 2020 12:44 PM (IST) Author: Shashank Pandey

मॉस्को, एएनआइ। दुनिया में कोरोना महामारी पर नियंत्रण की कोशिशें लगातार जारी हैं। इस महामारी की रोकथाम के लिए वैक्सीन सबसे अहम है। इसके मद्देनजर भारत अपने देश में स्पुतनिक V वैक्सीन की 30 करोड़ डोज तैयार करने जा रहा है। भारत 2021 में रूसी कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक V(Sputnik V) की 30 करोड़ डोज का उत्पादन करेगा। इसकी जानकारी रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (RDIF) के प्रमुख किरिल दिमित्रिव(Kirill Dmitriev) ने दी है। रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (आरडीआईएफ) के प्रमुख किरिल दिमित्रिव(Kirill Dmitriev) ने कहा कि भारत 2021 में रूसी स्पुतनिक V कोरोना वायरस वैक्सीन की लगभग 30 करोड़ खुराक का उत्पादन करेगा।

टास न्यूज़ एजेंसी के हवाले से रोसिया 24 टीवी चैनल को दिए एक इंटरव्यू में रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (आरडीआईएफ) के प्रमुख किरिल दिमित्रिव(Kirill Dmitriev) ने कहा कि भारत में, हमने चार बड़े निर्माताओं के साथ समझौते किए हैं। भारत अगले साल हमारे लिए वैक्सीन की लगभग 30 करोड़ या उससे अधिक डोज का उत्पादन करेगा।

टास ने आगे बताया कि दिमित्रिव ने स्पुतनिक वी के उत्पादन पर बातचीत करने वाले 110 उत्पादन स्थलों में से आरडीआईएफ ने 10 को चुना जो इसकी आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। दिमित्रिव ने कहा कि रूसी स्पुतनिक वी वैक्सीन को दुनिया में सक्रिय रूप से उत्पादित किया जाएगा और हम देखते हैं कि यह मानव एडेनोवायरस पर आधारित एक सुरक्षित मंच पर बनाया गया है।

शुक्रवार को भारत में रूसी दूतावास ने आरडीआईएफ के सीईओ के हवाले से कहा कि रूस अपनी स्पुतनिक वी वैक्सीन का भारत में पहले नमूनों का परीक्षण कर रहा है, जिसका कोरोना के खिलाफ इस्तेमाल किया जाएगा।रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को कहा कि दुनिया का पहला COVID-19 टीका स्पुतनिक वी, 95 प्रतिशत से अधिक प्रभावी है। ट्विटर पर रूस के विदेश मंत्रालय (एमएफए) ने पुतिन का हवाला देते हुए कहा कि कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दावा किया है कि टीका 96-97 प्रतिशत तक सुरक्षित माना जा रहा है। 

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