पाकिस्तान में मस्जिदों पर सरकार के नियंत्रण की कोशिश का मौलवियों ने किया विरोध

पाकिस्तान की इमरान सरकार द्वारा मस्जिदों और मदरसों पर नियंत्रण की कोशिश का मौलवियों और कट्टरपंथियों ने विरोध किया है।

पाकिस्तान की इमरान सरकार द्वारा मस्जिदों और मदरसों पर नियंत्रण की कोशिश का मौलवियों और कट्टरपंथियों ने विरोध किया है। डॉन की एक रिपोर्ट के अनुसार यहां आयोजित एक सम्मेलन के दौरान मौलवियों ने वक्फ अमलाक अधिनियम-2020 का विरोध करने की धमकी दी।

Arun kumar SinghSat, 20 Feb 2021 10:15 PM (IST)

 इस्लामाबाद, एएनआइ। पाकिस्तान की इमरान सरकार द्वारा मस्जिदों और मदरसों पर नियंत्रण की कोशिश का मौलवियों और कट्टरपंथियों ने विरोध किया है। डॉन की एक रिपोर्ट के अनुसार यहां आयोजित एक सम्मेलन के दौरान मौलवियों ने वक्फ अमलाक अधिनियम-2020 का विरोध करने की धमकी दी। उलेमाओं ने मस्जिदों और मदरसों की रक्षा के लिए आंदोलन शुरू करने की रणनीति भी बनाई। इसके तहत रैलियां आयोजित की जाएंगी।

 मौलाना जहूर अहमद अल्वी ने कहा कि सम्मेलन में पांच विचाराधाराओं के कर्ताधर्ता, धार्मिक पार्टियों के नेता और पांच मदरसा बोर्डो के प्रतिनिधि शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इन सभी ने सरकार के प्रस्तावित कानून का विरोध करने का एलान किया है। उन्होंने कहा, 'मस्जिदें और मदरसे स्वतंत्र थे, स्वतंत्र हैं और स्वतंत्र रहेंगे। किसी को भी इनकी स्वतंत्रता में खलल पैदा करने का हक नहीं है। हमने पूर्व में होने वाली ऐसी साजिशों का विरोध किया और आने वाले समय में भी इनका विरोध करेंगे। मस्जिदों और मदरसों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रहेगा।'

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