इमरान सरकार को झटका, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, गुप्त मतदान के जरिये होंगे सीनेट के चुनाव, जानें क्‍या था विवाद

पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट से इमरान खान की सरकार को बड़ा झटका लगा है।

पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट से इमरान खान की सरकार को बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि बुधवार को होने वाले सीनेट के चुनाव गुप्त मतदान के जरिये होंगे। खुले मतदान पर सत्तापक्ष और विपक्ष में विवाद चल रहा था।

Krishna Bihari SinghMon, 01 Mar 2021 06:42 PM (IST)

इस्लामाबाद, पीटीआइ। पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट से इमरान खान की सरकार को करारा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने सोमवार को एक फैसले में कहा कि बुधवार को होने वाले सीनेट के चुनाव गुप्त मतदान के जरिये होंगे। यह फैसला ऐसे वक्त आया है जब भ्रष्टाचार से बचने के लिये खुले मतदान की इजाजत देने पर सत्तापक्ष और विपक्ष में विवाद चल रहा था। सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ ने पिछले वर्ष दिसंबर में सरकार ने राष्ट्रपति के माध्यम से न्यायालय की राय जानने के लिये भेजे गये मामले में 4-1 से फैसला सुनाया। 

यह याचिका चुनावों में रुपयों के इस्तेमाल से बचने के लिये उच्च सदन के लिए खुला मतदान कराने को लेकर थी। अदालत ने कहा कि संसद के ऊपरी सदन के चुनाव पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत कराए जाएंगे जो मतपत्रों की गोपनीयता को बरकरार रखता है। शीर्ष अदालत ने पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग (ईसीपी) को निर्देश दिया कि वह भ्रष्टाचार रोकने के लिये नवीनतम प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करे और कहा कि चुनाव कराने में सभी संस्थानों को ईसीपी का सहयोग करना चाहिए। 

अदालत ने अपने फैसले में कहा, 'चुनावों में पारदर्शिता बरकरार रहे यह ईसीपी की जिम्मेदारी है।' सीनेट चुनावों में मतदान के तरीके को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इस प्रकरण पर अपनी सुनवाई पूरी की थी। मुख्य न्यायाधीश गुलजार अहमद पांच सदस्यीय बड़ी पीठ की अध्यक्षता कर रहे थे।

दरअसल पाकिस्तान के मंत्रिमंडल ने सीनेट का चुनाव ओपन बैलेट से कराने के लिए संविधान में संशोधन करने पर विचार कर रही थी। सरकार का कहना था कि सीनेट का चुनाव खरीद-फरोख्त के बिना पारदर्शी तरीके से होना चाहिए इसके लिए सीनेट चुनाव ओपन बैलेट के माध्यम से कराए जाने चाहिए। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की थी जिसमें सीनेट का आगामी चुनाव ओपेन बैलेट के जरिए कराने का निर्देश दिए जाने की गुजारिश की गई थी। वहीं विपक्षी दलों को इस पर एतराज था।  

पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) ने हाथ उठाकर सीनेट चुनाव कराने के फैसले का विरोध किया था। फजलुर रहमान ने कहा था कि यदि जरूरी हुआ तो पीडीएम इस मामले पर अदालत का दरवाजा खटखटाएगा। यही नहीं पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी चुनाव प्रक्रिया बदले जाने पर चिंता जताई थी। हालांकि पाकिस्तान के चीफ जस्टिस (Chief Justice of Pakistan, CJP) गुलजार अहमद ने कहा था कि सीनेट के चुनाव जैसी कार्यवाहियों में गोपनीयता महत्वपूर्ण है।

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