पाकिस्तान में खाड़ी देशों के शाही सदस्य दो दिन करेंगे विलुप्तप्राय पक्षी का शिकार

पाक में खाड़ी देशों के शाही सदस्य दो दिन करेंगे विलुप्तप्राय पक्षी का शिकार

खुशामद और खिदमत के साथ आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से पाकिस्तान की सरकार बहरीन के शाही परिवार की अपने यहां बलूचिस्तान की यात्रा के लिए तैयारी कर रही है। शाही परिवार यहां विलुप्तप्राय पक्षी होउबारा बस्टर्ड के शिकार के लिए 22 जनवरी से 24 जनवरी के बीच रहेगा।

Publish Date:Thu, 21 Jan 2021 02:23 PM (IST) Author: Pooja Singh

इस्लामाबाद, एएनआइ। खुशामद और खिदमत के साथ आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से पाकिस्तान की सरकार बहरीन के शाही परिवार की अपने यहां बलूचिस्तान की यात्रा के लिए तैयारी कर रही है। शाही परिवार यहां विलुप्तप्राय पक्षी होउबारा बस्टर्ड के शिकार के लिए 22 जनवरी से 24 जनवरी के बीच रहेगा। शाही परिवार से आने वालों में बहरीन के राजा हमद बिन ईसा बिन सलमान अल खलीफा और आबूधाबी क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन जायद अल नहयान हैं। उनकी यह निजी यात्रा होगी। होउबारा बस्टर्ड अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संरक्षित पक्षी है। इसका शिकार करने की पाकिस्तान में भी किसी को अनुमति नहीं है।

पाक ने खाड़ी देशों के विशिष्ट लोगों के लिए इनके शिकार का स्पेशल परमिट जारी किया है। पूर्व में पाकिस्तान में एक दस साल के बच्चे अहमद हसन ने इस्लामाबाद हाइकोर्ट में फाल्कन पक्षी के शिकार पर भी पाबंदी लगाने के लिए याचिका दायर की थी। दरअसल पाकिस्तान में शिकार के मामले में कायदे-कानूनों का कोई वजूद नहीं है। यहां पर हालात ये हैं कि मरखोर (बलयाकार सींग वाली बकरी) का शिकार भी मोटा धन लेकर कराया जाता है, जबकि मरखोर पाक का राष्ट्रीय जानवर है।

ज्ञात हो कि पाकिस्तान हर साल खाड़ी देशों के शाही लोगों को हाउबोरा बस्टर्ड की अनुमति देता है। इस बार उसने बहरीन व अन्य खाड़ी देशों के शाही लोगों को सौ-सौ हाउबोरा बस्टर्ड का शिकार करने की अनुमति दी है। हाउबोरा बस्ट़र्ड को भारत में सोन चिरैया और पाकिस्तान में तलोर के नाम से भी जाना जाता है।

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