पाकिस्तान: पोलियो कर्मियों की सुरक्षा में तैनात पुलिस अधिकारी की हत्या, दो दिनों में दूसरी घटना

खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सोमवार को अज्ञात बंदूकधारियों ने पोलियो कर्मियों के एक दल की सुरक्षा में तैनात एक पुलिस अधिकारी की गोली मारकर हत्या कर दी। इससे पहले पेशावर में बाइक सवार बंदूकधारियों ने एक पुलिस कांस्टेबल पर गोली मारी थी।

Manish PandeyMon, 02 Aug 2021 02:32 PM (IST)
यह दो दिनों में इस तरह की दूसरी घटना है।

पेशावर, पीटीआइ। उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सोमवार को अज्ञात बंदूकधारियों ने पोलियो कर्मियों के एक दल की सुरक्षा में तैनात एक पुलिस अधिकारी की गोली मारकर हत्या कर दी। यह दो दिनों में इस तरह की दूसरी घटना है। इससे पहले पेशावर जिले के दाउदजई इलाके में बाइक सवार बंदूकधारियों ने एक पुलिस कांस्टेबल पर गोली मारी थी।

पुलिस ने बताया कि दक्षिण वजीरिस्तान की सीमा से लगे कबायली जिले डेरा इस्माइल खान में पोलियो कार्यकर्ताओं की सुरक्षा में तैनात अधिकारी की मोटरसाइकिल सवार अज्ञात बंदूकधारियों ने हत्या कर दी। हमला करने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। उन्होंने बताया कि हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

पुलिस ने बताया कि मारे गए अधिकारी पोलियो टीम की सुरक्षा में तैनात थे और घर लौट रहे थे, तभी उनपर हमला किया गया। पाकिस्तान में पोलियो स्वास्थ्य कार्यकर्ता और उन्हें सुरक्षा प्रदान करने वाले कानून प्रवर्तन अधिकारियों को अक्सर आतंकवादियों और बदमाशों द्वारा निशाना बनाया जाता है।

पिछले हफ्ते संघीय सरकार ने पोलियो के खिलाफ 23 मिलियन बच्चों को टीका लगाने के लिए 2 अगस्त से राष्ट्रव्यापी पांच दिवसीय पोलियो टीकाकरण अभियान शुरू करने की घोषणा की थी। 24 जून को प्रधानमंत्री इमरान खान ने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान अगले साल पोलियो मुक्त हो जाएगा। खान ने ट्विटर पर कहा कि इस साल अब तक पोलियो का सिर्फ एक मामला सामने आया है। उन्होंने कहा, 'आने वाले वर्ष में हम पूरी तरह से पोलियो को खत्म कर देंगे'।

पिछले साल नाइजीरिया को पोलियो वायरस से मुक्त घोषित किए जाने के बाद पाकिस्तान और पड़ोसी अफगानिस्तान दुनिया में केवल दो शेष देश हैं जहां पोलियो स्थानिक है। पाकिस्तान सरकार ने देश के विभिन्न हिस्सों में पोलियो कार्यकर्ताओं पर हमलों की बढ़ती संख्या के बाद देश में पोलियो विरोधी अभियानों को निलंबित कर दिया था। हाल के वर्षों में टीकाकरण टीमों को हमला कर पोलियो को खत्म करने के प्रयासों को गंभीर रूप से बाधित किया गया है। अभियान का विरोध करने वाले दावा करते हैं कि पोलियो की बूंदें बांझपन का कारण बनती हैं।

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