जानें- पाकिस्‍तान सरकार के खिलाफ हुई पीडीएम की रैली में इमरान खान को कहे गए कैसे-कैसे शब्‍द

इमरान खान की सरकार को हटाना एक जेहाद है।

पाकिस्‍तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट के नेतृत्‍व में हुई मलाकंद की विशाल रैली में प्रधानमंत्री इमरान खान को झूठा भ्रष्‍टाचारी और डरपोक तक कहा गया। इस दौरान फजलुर रहमान ने कहा कि इमरान खान की सरकार को हटाना एक जेहाद है।

Publish Date:Tue, 12 Jan 2021 12:49 PM (IST) Author: Kamal Verma

मलाकंद/खैबर पख्‍तूंख्‍वा (एएनआई)। पाकिस्‍तान के राजनीतिक हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। देश की सरकार के खिलाफ काफी समय से आवाज बुलंद करने वाले पाकिस्‍तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान का कहना है कि वो देश की सरकार को हटाने के लिए कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं। उन्‍होंने इस मूवमेंट को इमरान सरकार के खिलाफ जेहाद बताया है। उन्‍होंने कहा है कि ये जेहाद तब तक जारी रहेगा जब तक कि गरीबों पर इस सरकार के जुल्‍म खत्‍म नहीं हो जाते हैं। पीडीएम के नेतृत्‍व में मलाकंद की विशाल रैली को संबोधित करते हुए रहमान ने इमरान सरकार को भ्रष्‍टाचार में डूबी सरकार बताया। इससे पहले इसी तरह की एक रैली बहावलपुर, पेशावर, कराची, मुल्‍तान, क्‍वेटा और लाहौर में भी हुई थी।

इमरान खान को इस्‍तीफा देने का अल्‍टीमेटम 

आपको यहां पर ये भी बता दें कि पाकिस्‍तान में फजलुर रहमान काफी समय से सरकार के खिलाफ झंडा बुलंद किए हुए है। पीडीएम लगातार प्रधानमंत्री इमरान खान से भ्रष्‍टाचार के आरोपों के लिए इस्‍तीफा देने की मांग कर रहा है। इसके लिए पीडीएम ने इमरान को 31 जनवरी तक की मौहलत भी दी है। पीडीएम का कहना है कि इमरान खान की सरकार देश में जिया उल हक और जनरल परवेज मुशर्रफ की सरकार की ही तरह शासन कर रही है। फजलुर रहमान ने कहा कि जैसे इन लोगों के शासन के दौरान देश में डेमोक्रेसी जैसी कोई चीज नहीं बची थी, ठीक वैसे ही आज हो रहा हे। इमरान सरकार देश के संविधान के खिलाफ काम कर रही है और देश में मार्शल लॉ लगाना चा‍हती है। ये समय मुशर्रफ और जिया उल हक से भी ज्‍यादा खतरनाक है।

19 और 21 जनवरी होगी विशाल रैली 

उन्‍होंने लोगों से भी अपील की है कि वो अधिक से अधिक पीडीएम से जुड़कर इमरान सरकार को सत्‍ता से बाहर करने में उनकी मदद करें और देश में लोकतंत्र बहाल करें। उन्‍होंने कहा कि इमरान सरकार पूरी तरह से नाकाम है और भ्रष्‍टाचार में डूबी हुई है। रहमान ने इस दौरान इमरान सरकार के साथ-साथ नेशनल अकाउंटिबिलिटी ब्‍यूरो पर भी निशाना साधा और कहा कि वो पूरी तरह से इमरान के इशारे पर काम कर रहा है। पीडीएम मुखिया ने कहा कि यदि उन्‍होंने कोई अपराध किया है तो एनएबी उन्‍हें आकर गिरफ्तार करे। उन्‍होंने ये भी कहा कि एनएबी केवल विपक्षी नेताओं के खिलाफ गलत आरोपों के तहत मामले दर्ज करने में लगी है और सरकार द्वारा किए जा रहे भ्रष्‍टाचार पर अपनी आंखें मूंद कर बैठी है। पीडीएम मुखिया ने 19 जनवरी को चुनाव आयोग के समक्ष भी प्रदर्शन करने की बात कही है। इसके अलावा उन्‍होंने लोगों से 21 जनवरी को सरकार के खिलाफ होने वाली एक विशाल रैली में कराची आने का आह्वान भी किया है। उनका कहना है कि आज पूरा देश इमरान सरकार को सत्‍ता से उखाड़ फेंकना चाहता है।

न झुकेंगे, न डरेंगे

इस मौके पर पाकिस्‍तान पिपुल्‍स पार्टी के मुखिया बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा कि इस विशाल रैली में उमड़ा जनसमूह इस बात की गवाही दे रहा है कि ये सभी मौजूदा हुकूमत को सत्‍ता से हटाना चाहते हैं। ये रैली देश की चुनी हुई सरकार के खिलाफ एक जनमत संग्रह है। मलाकंद की इस रैली ने सरकार के खिलाफ फैसला सुना दिया है। उन्‍होंने कहा कि देश की जनता इस सरकार से पूरी तरह से तंग आ चुकी है। इस सरकार ने अपने किए किसी भी वादे को अब तक पूरा नहीं किया है। उन्‍होंने इमरान सरकार को एक कठपुतली की सरकार बताया और कहा कि इसको हटाकर अब लोकतंत्र को बहाल करना होगा। इसके लिए देश की आवाम को एकजुट होना होगा। उन्‍होंने ये भी कहा कि मलाकंद की जनता बहादुर है वो न तो किसी आतंकी के सामने झुकती है और न ही किसी तानाशाह के आगे कमजोर पड़ती है।

डरपोक हैं इमरान खान 

बिलावल ने इमरान को डरपोक बताते हुए कहा कि जब आर्मी पब्लिक स्‍कूल पर आतंकी हमला हुआ तो ये इंसान इस्‍लामाबाद में डी-चौक पर डांस कर रहा था। अब जबकि इस हादसे के पीडि़त लोग इस मंच पर बैठे हैं तो इमरान उन्‍हें ब्‍लैकमेलर कह रहे हैं। ये इस बात का सुबूत है कि नए पाकिस्‍तान में इंसान का खून कितना सस्‍ता हो गया है। उनकी जान की कोई कीमत नहीं है। बिलावल ने आर्थिक मोर्चे पर भी नाकाम रहने के लिए इमरान को आड़े हाथों लिया। उन्‍होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों की वजह से देश आर्थिक तौर पर बदहाल हो गया है। आज अफगानिस्‍तान की तरह ही हम कमजोर हो चुके हैं और वहीं बांग्‍लादेश तरक्‍की कर रहा है। इमरान खान ने सत्‍ता में आने से पहले 1 करोड़ लोगों को रोजगार देने की बात कही थी। वो इसमें पूरी तरह से विफल रहे हैं। वहीं उन्‍होंने बेघरों को 50 लाख घर बनाकर देने का भी वादा किया था। इसको भी वो पूरा नहीं कर सके हैं। इससे उलट उन्‍होंने अतिक्रमण के नाम पर लोगों के बने घरों को तोड़ने का काम जरूर किया है।

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