घरेलू राजनीति में घिरे पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने फिर अलापा कश्मीर राग

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान(Imran Khan)।(फोटो: एएफपी)

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान(Imran Khan) ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की स्वायत्ता की बहाली तक भारत के साथ वार्ता संभव नहीं हो सकती है। पाकिस्तान की राजनीति में इनदिनों पीएम इमरान खान बुरी तरह से घिरे हुए हैं।

Publish Date:Mon, 11 Jan 2021 09:05 AM (IST) Author: Shashank Pandey

इस्लामाबाद, प्रेट्र। पाकिस्तान में विपक्ष के निशाने पर आए प्रधानमंत्री इमरान खान एक बार फिर कश्मीर राग अलापा है। इमरान ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के स्वायत्त दर्जे की बहाली तक भारत के साथ किसी भी तरह की बातचीत की संभावना नहीं है। इमरान ने यहां डिजिटल मीडिया के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत में यह बात कही। भारत ने पिछले साल अगस्त में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए खत्म कर दिया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था।

भारत का कहना है कि यह उसका आंतरिक मामला है और पाकिस्तान समेत किसी भी देश को इसमें हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। इमरान खान ने यह भी कहा कि भारत के सिवा किसी भी दूसरे के साथ पाकिस्तान के खराब संबंध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भारत पाकिस्तान को अस्थिर करने का प्रयास कर रहा है। बता दें कि भारत और पाकिस्तान के रिश्ते उस समय से बेहद खराब हैं जब 2016 में जैश-ए-मुहम्मद के आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षा बलों के काफिले पर हमला किया था। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में हवाई हमला कर जैश के के अड्डे को ध्वस्त कर दिया था, जिसमें उसके कई आतंकी भी मारे गए थे।

अमेरिका स्थित पाकिस्तानी राजदूत के घर के बाहर पश्तूनों ने किया प्रदर्शन

पाकिस्तान में पश्तून लोगों के मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ शनिवार को वाशिंगटन डीसी स्थित पाकिस्तानी राजदूत के घर के बाहर लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया। पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (पीटीएम) द्वारा आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान ही न्यूयॉर्क से वाशिंगटन डीसी तक 350 मील लंबा पैदल मार्च आयोजित किए जाने की भी जानकारी दी गई। बता दें कि यह विरोध प्रदर्शन दो पीटीएम सदस्यों की गिरफ्तारी के चलते किया गया। पेशावर में हुए विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के चलते दोनों नेताओं को गिरफ्तार किया गया था। पश्तूनों के खिलाफ पाकिस्तान का रवैया हमेशा दोयम दर्जे का रहा है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.