पाकिस्तान सरकार ने ब्रिटेन को तीसरी बार लिखा पत्र, नवाज को निर्वासित करने का आग्रह

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की फाइल फोटो

शरीफ को नवंबर 2019 में महज चार हफ्ते के लिए लंदन जाने के लिए एक अदालत से अनुमति मिली थी लेकिन तब से वह स्वदेश नहीं लौटे। उन्हें भ्रष्टाचार से जु़ड़े अल-अजीजिया स्टील मिल्स मामले में सात साल जेल की सजा मिली है।

Publish Date:Thu, 22 Oct 2020 02:48 PM (IST) Author: Manish Pandey

इस्लामाबाद, प्रेट्र। पाकिस्तान की सरकार ने लंदन में इलाज करा रहे पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को ब्रिटेन से निर्वासित करने का आग्रह किया है। इस तरह का आग्रह तीसरी बार किया गया है। पाकिस्तान की सरकार ने नवंबर से लंदन में रह रहे नवाज का वीजा निरस्त कर उन्हें वहां से निर्वासित करने के संबंध में ब्रिटेन की सरकार को तीसरी बार पत्र लिखा है।

पत्र में दलील दी गई है कि ब्रिटेन के अपने आव्रजन कानून में ही यह प्रावधान है कि जिस व्यक्ति को किसी भी मामले में चार साल से अधिक की सजा सुना दी गई है, उसको अपने देश के लिये भेजा जाना चाहिए। नवाज को भ्रष्टाचार के मामले में सजा सुना दी गई है और अब उनके खिलाफ वारंट भी निकाल दिया गया है। पाकिस्तान सरकार ने पिछले महीने भी ऐसा ही आग्रह किया था, जब नवाज शरीफ की इस्लामाबाद हाइकोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी थी।

शरीफ को नवंबर 2019 में महज चार हफ्ते के लिए लंदन जाने के लिए एक अदालत से अनुमति मिली थी, लेकिन तब से वह स्वदेश नहीं लौटे। उन्हें भ्रष्टाचार से जु़ड़े अल-अजीजिया स्टील मिल्स मामले में सात साल जेल की सजा मिली है। उन्होंने अपनी इस सजा को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। इस मामले में पेशी के लिए उन्हें कई बार नोटिस जारी किया गया था।

हाल ही में इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार ने नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरयम समेत 41 नेताओं के खिलाफ देशद्रोह समेत कई गंभीर आरोपों में मामला दर्ज किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शरीफ ने गत 20 सितंबर से लेकर एक अक्टूबर के दौरान विपक्षी दलों के गठबंधन और अपनी पार्टी की बैठकों में सरकार और देश के खिलाफ नफरत फैलाने वाले भाषण दिए।

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