मरयम नवाज पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, मौलाना फजलुर रहमान ने सेना को चेतावनी दी

मरयम नवाज पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है।

पाकिस्‍तान में अब मरयम नवाज (Mariyam Nawaz) पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। उनको जमानत की शर्तों के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया जा सकता है। राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो जमानत उल्लंघन का मामला तैयार कर रहा है।

Publish Date:Thu, 22 Oct 2020 06:03 AM (IST) Author: Krishna Bihari Singh

इस्लामाबाद, एजेंसियां। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज की उपाध्यक्ष मरयम नवाज पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। उनको जमानत की शर्तों के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया जा सकता है। समाचार एजेंसी एएनआइ ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो जमानत उल्लंघन का मामला तैयार कर रहा है। उनकी जमानत रद की जा सकती है। इससे पहले मरयम के पति मुहम्मद सफदर को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। हालांकि, उनको कुछ देर बाद जमानत पर रिहा भी कर दिया गया था।

मौलाना ने सेना को चेतावनी दी

इस बीच, जमीयत उलमा-ए-इस्लाम (एफ) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने बुधवार को पाकिस्तानी सेना को चेतावनी दी कि वह सरकार और पुलिस के मामलों में दखल देना बंद करे, अन्यथा देश में एकता नहीं रह पाएगी। रहमान ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कराची की हालिया घटनाओं से साफ हो गया है कि पाकिस्तान में हर चीज पर सेना का सख्त नियंत्रण है।

सिंध पुलिस के तेवर ढीले पड़े

वहीं, मरयम के पति मुहम्मद सफदर की गिरफ्तारी के खिलाफ बगावती तेवर दिखाने वाली सिंध पुलिस के तेवर ढीले पड़ गए हैं। सिंध के पुलिस प्रमुख मुश्ताक महार ने अपनी छुट्टी टाल दी है और उन्होंने अपने अधिकारियों से भी देश के व्यापक हित में 10 दिनों के लिए छुट्टी टालने का अनुरोध किया है। सफदर की गिरफ्तारी के हालात की सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा द्वारा जांच का आदेश दिए जाने के बाद पुलिस प्रमुख ने अधिकारियों से यह अनुरोध किया है।

अर्धसैनिक बलों और पुलिस में सीधा टकराव

उल्लेखनीय है कि सफदर की गिरफ्तारी के मुद्दे पर पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर में अर्धसैनिक बलों और पुलिस के बीच सीधा टकराव शुरू हो गया है। इस घटना के विरोध में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने अपनी छुट्टी का आवेदन दे दिया है। विपक्षी दलों ने फ्रंटियर कोर पर सफदर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस पर कथित रूप से दबाव डालने का आरोप लगाया है। सिंध पुलिस ने सिलसिलेवार ट्वीट करते हुए कहा कि 18 अक्टूबर की रात की घटना से अधिकारियों में नाराजगी है।

पुलिस महानिदेशक ने छुट्टी पर जाने का फैसला किया

इसके परिणामस्वरूप सिंध के पुलिस महानिदेशक ने छुट्टी पर जाने का फैसला किया। इसके बाद सिंध पुलिस के अपमान के विरोध में अन्य कई अधिकारियों ने भी छुट्टी का आवेदन दे दिया। यह कोई सामूहिक निर्णय नहीं था, बल्कि अधिकारियों की स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी, क्योंकि विभाग का हर सदस्य खुद को अपमानित महसूस कर रहा है। सिंध पुलिस ने मामले की जांच का तुरंत आदेश देने के लिए सेना प्रमुख बाजवा को भी धन्यवाद दिया है।

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