पाकिस्तान ने भारत से कुलभूषण जाधव का वकील नियुक्त करने को कहा, इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने दिया निर्देश

पाकिस्तान की जेल में बंद भारत के पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव

पाकिस्तान की जेल में बंद भारत के पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव पर वहां की सैन्य अदालत ने जासूसी का आरोप लगाते हुए मौत की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ भारत ने हेग में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आइसीजे) में अपील की थी।

Arun Kumar SinghSat, 17 Apr 2021 07:21 AM (IST)

इस्लामाबाद, प्रेट्र। पाकिस्तान ने शुक्रवार को भारत से कुलभूषण जाधव मामले में वकील नियुक्त करने का आग्रह किया। इस मामले में गुरुवार को सुनवाई के दौरान इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने पाकिस्तान के विदेश विभाग को भारत से बात करने का निर्देश दिया था। पाकिस्तान के विदेश विभाग के प्रवक्ता जाहिद हफीज चौधरी ने बताया कि जाधव का वकील नियुक्त करने के लिए भारत से फिर से आग्रह किया गया है। 

इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने पाक विदेश मंत्रालय को दिया निर्देश

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान की जेल में बंद भारत के पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव पर वहां की सैन्य अदालत ने जासूसी का आरोप लगाते हुए मौत की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ भारत ने हेग में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आइसीजे) में अपील की थी। जुलाई, 2019 में आइसीजे ने अपने फैसले में कहा कि पाकिस्तान को जाधव पर लगे आरोपों व सजा पर पुनर्विचार करना चाहिए और भारत के लिए राजनयिक पहुंच सुनिश्चित करनी चाहिए। पिछले साल पाकिस्तान सरकार ने विशेष अध्यादेश लाकर इस्लामाबाद हाई कोर्ट में मामला दर्ज कराया। 

हाई कोर्ट ने कहा, यह न्यायिक क्षेत्र का मामला नहीं है

भारत का कहना है कि जाधव मामला इस्लामाबाद हाई कोर्ट के न्यायिक क्षेत्र में नहीं आता है। इस पर कोर्ट ने कहा कि यह न्यायिक क्षेत्र का मामला नहीं है। यह सुनवाई आइसीजे के फैसले के अनुपालन के लिए हो रही है। इसके बाद अदालत ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को भारत की शंका दूर करने को कहा था।

इस्लामाबाद हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति अथर मिनाल्लाह, न्यायमूर्ति आमिर फारूक और न्यायमूर्ति मियांगुल हसन औरंगजेब की वृहद पीठ मामले की सुनवाई कर रही है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार की खबर के मुताबिक भारतीय उच्चायोग ने वकील के माध्यम से इस्लामाबाद हाई कोर्ट द्वारा मामले में बचाव पक्ष का वकील नियुक्त करने के न्यायाधिकार क्षेत्र को चुनौती दी और अदालत ने आपत्ति पर सफाई देने की कोशिश की।

 

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