PAK जल्द होगा ब्लैकलिस्ट! आतंकियों को पालता रहा तो अगले महीने FATF लेगा कड़ा फैसला

PAK जल्द होगा ब्लैकलिस्ट! आतंकियों को पालता रहा तो अगले महीने FATF लेगा कड़ा फैसला

एफएटीएफ एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है जो मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग जैसे वित्तीय मामलों में दखल देते हुए तमाम देशों के लिए गाइडलाइन तय करती है। ब्लैकलिस्ट में उन देशों को रखा जाता है जो आतंकवाद को वित्तीय तौर पर बढ़ावा दे रहे हैं।

Publish Date:Fri, 22 Jan 2021 09:13 AM (IST) Author: Nitin Arora

इस्लामाबाद, एएनआइ। पाकिस्तान को अगले महीने फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की 'ब्लैक लिस्ट' में धकेल दिया जा सकता है क्योंकि वह आतंकवादी संगठनों को वित्त सहायता देना जारी रखे हुए है। ग्रीक सिटी टाइम्स ने रिपोर्ट की। जमर-उद-दावा (JuD) और जैश-ए-मुहम्मद (JeM) जैसे आतंकवादी संगठन पाकिस्तान में बिना किसी परेशानी के आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं और लोगों की जिंदगियों के साथ खेल रहे हैं।

एफएटीएफ एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है, जो मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग जैसे वित्तीय मामलों में दखल देते हुए तमाम देशों के लिए गाइडलाइन तय करती है। ब्लैकलिस्ट में उन देशों को रखा जाता है जो आतंकवाद को वित्तीय तौर पर बढ़ावा दे रहे हैं।

अगले महीने होने वाली एक बैठक के दौरान वैश्विक निगरानी संस्था पाकिस्तान को रखे गए ग्रे-लिस्ट पर जानकारी लेगी। बताया जा रहा है कि बेहद सख्त निगरानी पाकिस्तान पर रखी गई है और अगर अभी भी कोई खामी देखी गई तो देश के लिए काफी परेशानी होने वाली है। बता दें कि पाक को 2018 में ग्रे-लिस्ट में रखा गया था।

FATF के अध्यक्ष मार्कस प्लीयर ने 2020 में अक्टूबर की समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि आतंकवादी वित्तपोषण का मुकाबला करने के लिए पाकिस्तान के प्रयासों में 'बहुत गंभीर कमियां थीं' और देश को इन मुद्दों को हल करने के लिए फरवरी 19-21 तक का समय दिया है, क्योंकि वे हमेशा के लिए इंतजार नहीं कर सकते। ग्रीक सिटी टाइम्स ने सूचना दी।

उन्होंने आगे कहा कि हमें दिखता है कि देश में आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की या कुछ सुधार लाया है तो हम उसे वक्त देते हैं, लेकिन लेकिन हम ऐसा हमेशा के लिए नहीं करते हैं।

ग्रीक शहर टाइम्स ने सूचना देते हुए बताया कि पाकिस्तान अभी ग्रे सूची में है, लेकिन आतंकवाद के वित्तपोषण पर अंकुश लगाने के लिए अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करने पर, इसे ब्लैकलिस्ट में धकेला जाने में समय नहीं लगेगा। यदि वह अपने दायित्वों को पूरा करता भी है, तब भी एफएटीएफ की निगरानी में रहेगा। इसके तहत ही FATF को कई ऐसे उदाहरण वीडियो व अन्य चीजों के जरीए दिखाए गए, जिनमें साफ था कि आतंकवाद को पाकिस्तान किस कदर समर्थन दे रहा है।

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