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भारत की तरफ से अपनी सीमा खोल अफगानिस्तान से व्यापारिक रिश्तों की दुहाई दे रहा पाकिस्‍तान

इस्लामाबाद, एजेंसियां। सीमा पर अकारण फायरिंग और कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ की नाकाम कोशिश के बीच पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ एक और पैंतरा चला है। उसने अफगानिस्तान का निर्यात बहाल करने के लिए भारत से लगी अपनी वाघा सीमा को खोलने का एलान किया है। पाकिस्तान की यह खुराफात इस बात से समझी जा सकती है कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से द्विपक्षीय व्यापार बहाल करने के लिए अफगान सीमा से लगी अपनी सीमा खोलने के बजाय भारत से लगी सीमा खोलने का एलान किया है।

कोरोना वायरस के संक्रमण के बीच भारत समेत सभी देशों की सीमाएं सील हैं। यानी एक देश से दूसरे देश में आवाजाही बंद है। ऐसे में पाकिस्तान से लगी भारतीय चौकी अटारी भी बंद है। इसी के चलते पाकिस्तान ने भी मार्च के मध्य में भारत से लगी वाघा सीमा को बंद कर दिया था।

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने एक बयान जारी करके कहा कि अफगानिस्तान सरकार की विशेष अपील पर 15 जुलाई 2020 से पाकिस्तान अब भारत से लगी अपनी वाघा सीमा को खोल रहा है, ताकि उसे अफगानिस्तान से अपने कारोबार में कोई परेशानी न हो। इस कदम के तहत पाकिस्तान-अफगानिस्तान ट्रांजिट ट्रेड एग्रीमेंट (एपट्टा) के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पूरी होगी। ध्यान रहे कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर 18 क्रासिंग प्वाइंट हैं, लेकिन पाकिस्तान ने ईरान और अफगानिस्तान से लगी अपनी सीमा को सील कर रखा है। और विपरीत दिशा में भारत की तरफ की अपनी सीमा को खोलकर अफगानिस्तान से व्यापारिक रिश्तों की दुहाई दे रहा है।

बताया जाता है कि अब पाकिस्तान इस कुटिल चाल से भारत पर अपनी सीमा उसके लिए खोलने का दबाव बनाने की कोशिश करेगा। दरअसल पाकिस्तान का सोचना है कि कोविड-19 के प्रकोप के बाद भारत ने अफगानिस्तान की मदद की थी। मई में अफगानिस्तान स्थित भारतीय दूतावास ने ट्वीट करके बताया था कि कांडला बंदरगाह से भारत ने 75 हजार मिलियन टन गेहूं की दूसरी खेंप चाबहार बंदरगाह पर भेजी है।

 

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