इमरान खान ने धर्म के नाम पर हिंसा करने वालों को नहीं बख्शने की बात दोहराई, श्रीलंकाई नागरिक को दी श्रद्धांजलि

Lynching of Sri Lankan citizen पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार को फिर कहा कि उनकी सरकार धर्म के नाम पर हिंसा को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसी हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों को नहीं बख्शा जाएगा

Arun Kumar SinghPublish:Tue, 07 Dec 2021 10:20 PM (IST) Updated:Tue, 07 Dec 2021 10:20 PM (IST)
इमरान खान ने धर्म के नाम पर हिंसा करने वालों को नहीं बख्शने की बात दोहराई, श्रीलंकाई नागरिक को दी श्रद्धांजलि
इमरान खान ने धर्म के नाम पर हिंसा करने वालों को नहीं बख्शने की बात दोहराई, श्रीलंकाई नागरिक को दी श्रद्धांजलि

इस्लामाबाद, प्रेट्र। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार को फिर कहा कि उनकी सरकार धर्म के नाम पर हिंसा को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसी हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों को नहीं बख्शा जाएगा। इमरान उन्मादी भीड़ की हिंसा में मारे गए श्रीलंकाई मैनेजर प्रियांथा कुमारा के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में आयोजित एक शोक सभा को संबोधित कर रहे थे। सियालकोट की एक कपड़ा फैक्ट्री के महाप्रबंधक कुमारा की शुक्रवार को हत्या के बाद शव को सड़क पर जला दिया गया था।

पैगंबर के नाम पर दूसरों की हत्या कर रहे हैं पाक‍िस्‍तान के लोग

इमरान ने कहा कि सियालकोट की घटना ने देश को ऐसी वारदातों को खत्म करने के लिए एक बिंदु पर ला खड़ा किया है। उन्होंने खेद व्यक्त किया कि पाकिस्तान में लोग पवित्र पैगंबर के नाम पर दूसरों की हत्या कर रहे हैं। ईश निंदा के आरोपित जेलों में सड़ रहे हैं, क्योंकि वकील और न्यायाधीश ऐसे मामलों में सुनवाई करने से डरते हैं। इमरान ने कहा कि पाकिस्तान एकमात्र ऐसा देश है जिसकी स्थापना इस्लाम के नाम पर हुई थी, लेकिन सियालकोट जैसी घटनाएं शर्म की बात हैं। उन्होंने कहा कि हम पूरी तरह से अलग दिशा में जा रहे हैं और राष्ट्र को पैगंबर के जीवन का अध्ययन करना चाहिए।

श्रीलंका सरकार कुमारा के स्वजन को देगी 25 लाख का मुआवजा

श्रीलंका सरकार की कैबिनेट ने मंगलवार को प्रियांथा कुमारा के निकटतम स्वजन के लिए 25 लाख रुपये (करीब 12,500 डालर) के मुआवजे को मंजूरी दी है। कैबिनेट के प्रवक्ता व मंत्री रमेश पथिराना ने कहा कि फारेन इंप्लायमेंट ब्यूरो के कर्मचारी कल्याण कोष से यह राशि प्रदान की जाएगी। यह प्रवासी कामगार के तौर पर स्थानीय अर्थव्यवस्था में दिए गए उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता होगी।