नवाज शरीफ के पैरों में पीएम इमरान खान ने डाली 15 अरब की बेड़ी, जानें क्‍यों और कैसे

नई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। पाकिस्‍तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने 15 अरब से ज्‍यादा का श्‍योरिटी बॉण्‍ड (Rs7 billion as surety bonds) देकर इलाज के लिए विदेश जाने से इनकार कर दिया है। उनके इस इनकार के बाद पाकिस्‍तान के राजनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा हो रही है कि इससे कहीं न कहीं नवाज की मंशा सामने आ गई है। गौरतलब है कि नवाज शरीफ की खराब हालत के चलते उन्‍हें कई बार डॉक्‍टरों ने उन्‍हें विदेश जाकर इलाज कराने की सलाह दी थी। काफी ना-नुकर के बाद नवाज और उनके परिवार ने डॉक्‍टरों की सलाह मानने की इजाजत दे दी थी। इलाज के लिए नवाज शरीफ ने लंदन को चुना था। उनकी रजामंदी के बाद माना जा रहा था कि उनका नाम एग्जिट कंट्रोल लिस्‍ट (Exit Control List) से बाहर कर दिया जाएगा। कैबिनेट  की सब-कमेटी में इस पर रजामंदी भी बनी है, लेकिन इस पर अंतिम फैसला कैबिनेट को ही लेना है। सब-कमेटी के चेयरमैन ने साफ कर दिया है कि वह केवल अपनी संस्‍तुति कैबिनेट को भेज सकते हैं। वह इस पर फैसला नहीं ले सकते हैं। लिहाजा अंतिम फैसला कैबिनेट या पीएम इमरान खान को ही लेना है।  

15 अरब से अधिक का बॉण्‍ड 

लेकिन, इस पर फैसला लेने से पहले ही इमरान ने अंतिम समय में नवाज को सशर्त विदेश जाने की इजाजत देने की मांग रख दी। इसके तहत नवाज को विदेश जाकर इलाज कराने से पहले 15,26,01,97,596.00 अरब रुपये (15 अरब से अधिक) श्‍योरिटी बॉण्‍ड भरना होगा, लेकिन अब इस पर नवाज के इनकार के बाद वहां की राजनीति में बदलाव आना तय है। आपको यहां पर ये भी बता दें कि जिस रकम का बॉण्‍ड नवाज को भरने को कहा गया है वह रकम भ्रष्‍टाचार के मामले में अकाउंटिबिलिटी कोर्ट द्वारा दो मामलों में लगाए गए जुर्माने की रकम के बराबर है। यह मामले अल-अजीजिया और अवानफील्‍ड प्रॉपर्टी का है। इनमें पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को दोषी करार दिया गया है। इमरान सरकार की तरफ से यह भी साफ कर दिया गया है कि विदेश जाने से पहले नवाज को क्षतिपूर्ति बॉण्‍ड  (indemnity bonds) भरने को कहा गया है। यदि वह जाना चाहते हैं तो ऐसा उन्‍हें करना ही होगा। 

इमरान को ये है डर 

यहां पर पाकिस्‍तान की राजनीति काफी कुछ बदलती दिखाई दे रही है। दरअसल, इमरान खान को अंदेशा है कि यदि नवाज को इलाज के लिए विदेश चले गए तो उनकी वापसी बेहद मुश्किल होगी। यह ठीक ऐसा ही होगा जैसे देश के पूर्व तानाशाह और पूर्व जनरल परवेज मुशर्रफ कई मामलों में लिप्‍त होने और कोर्ट के आदेश के बाद भी देश वापस नहीं आ रहे हैं। इमरान खान को इस बात की आशंका काफी समय से बनी हुई है। वहीं, इमरान यह भी साफ कर चुके हैं कि भ्रष्‍टाचार में लिप्‍त किसी भी नेता को वह छोड़ने वाले नहीं हैं।

नवाज तक सीमित भ्रष्‍टाचार की मुहिम 

इसके उलट पाकिस्‍तान में राजनीति विश्‍लेषक मानते हैं कि इमरान की भ्रष्‍टाचार पर लगाम केवल नवाज तक ही सीमित दिखाई दे रही है। वहीं, दूसरी तरफ नवाज का परिवार इमरान सरकार की इस मांग को गैरकानूनी बता रहा है। नवाज का परिवार अब इस बात पर भी गौर कर रहा है कि एग्जिट कंट्रोल लिस्‍ट से पूर्व पीएम नवाज शरीफ का नाम हटाने के लिए उन्‍हें कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए। इसको लेकर वह कानूनी सलाह भी ले रहे हैं।  

हुई अनहोनी तो सरकार होगी जिम्‍मेदार 

नवाज के परिवार ने धमकी दी है कि सरकार पूर्व पीएम को इलाज के लिए बाहर भेजने की इजाजत नहीं दे रही है। ऐसे में यदि कोई अनहोनी होती है तो इसकी जिम्‍मेदार सरकार होगी। उनकी तरफ से यहां तक कहा गया है कि जिस बॉण्‍ड का जिक्र भरने की कहा जा रहा है उसकी कोई जरूरत नहीं है। शाहबाज शरीफ ने किसी भी तरह का बॉण्‍ड भरने से साफ इनकार कर दिया है। आपको यहां पर ये भी बता दें कि इमरान की कैबिनेट के कुछ सदस्‍य ये चाहते हैं कि नवाज को विदेश जाने की अनुमति दी जानी चाहिए। वहीं कुछ इसके खिलाफ हैं। इसकी वजह से कैबिनेट एक राय बनाने में नाकाम दिखाई दे रही है। 

पाकिस्‍तान में नवाज के नाम पर नहीं कोई प्रॉपर्टी 

इमरान खान के स्‍पेशल असिस्टेंट ने नवाज परिवार पर तंज कसते हुए कहा है कि नवाज की गारंटी कोई नहीं लेना चाहता है, सबसे बड़ी समस्‍या यही है। वहीं, नेशनल अकाउंटिबिलिटी ब्‍यूरो का कहना है कि पूर्व में भी सरकार ने बिना उनकी राय जाने कई लोगों का नाम इस लिस्‍ट से बाहर कर दिया था, जो कानूनी समस्‍या बन गए हैं। आपको यहां पर ये भी बता दें कि नवाज शरीफ के नाम पर पाकिस्‍तान में कोई प्रॉपर्टी नहीं है। वहीं, उनकी बेटी मरियम और उनके भाई शाहबाज शरीफ के नाम अरबों की संपत्ति है। यही वजह है कि सरकार ने नवाज के एवज में इन दोनों को बॉण्‍ड भरने को कहा है। कैबिनेट की बैठक में यहां तक बात हुई नवाज को केवल एक बार देश से बाहर जाकर इलाज कराने की इजाजत दी जानी चाहिए। इसके अलावा इसकी समय सीमा भी निर्धारित की जानी चाहिए। 

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