चीन ने पाकिस्तान में दासु पनबिजली परियोजना का काम किया बंद, 3.8 करोड़ डालर का मुआवजा मांगा

चीन ने अपने सदाबहार मित्र पाकिस्तान को आंख दिखाते हुए उससे दासु बांध परियोजना के इंजीनियरों की मौत के एवज में 3.8 करोड़ डालर (285 करोड़ रुपये) का मुआवजा मांगा है। चीन रुकी हुई दासु पनबिजली परियोजना पर काम शुरू करने से पहले मुआवजा भुगतान चाहता है।

TaniskSat, 16 Oct 2021 07:49 PM (IST)
चीन दासु पनबिजली परियोजना का काम बंद कर दिया है।

इस्लामाबाद, एएनआइ। चीन ने अपने सदाबहार मित्र पाकिस्तान को आंख दिखाते हुए उससे दासु बांध परियोजना के इंजीनियरों की मौत के एवज में 3.8 करोड़ डालर (285 करोड़ रुपये) का मुआवजा मांगा है। बिजनेस रिकार्डर में मुश्ताक घुम्मन ने लिखा कि चीन रुकी हुई दासु पनबिजली परियोजना पर काम शुरू करने से पहले मुआवजा भुगतान चाहता है। इसी साल जुलाई में नौ चीनी इंजीनियर, दो स्थानीय और फ्रंटियर कंस्टेबलरी (एफसी) के दो कर्मियों समेत 13 लोग मारे गए थे और दो दर्जन से ज्यादा लेाग घायल हो गए थे। विस्फोटक लदी एक कार से टक्कर के बाद काम पर ले जा रही बस नदी में गिर गई थी।

बिजनेस रिकार्डर ने कहा कि जल संसाधन सचिव डा. शहजेब खान बांगाश के अनुसार, जुलाई में चीनी इंजीनियरों पर हुए हमले के बाद से परियोजना में सिविल कार्य रुका हुआ है। सूत्रों ने कहा कि चीनी नागरिकों को मुआवजा देने के मुद्दे पर उच्चस्तर पर चर्चा की जा रही है। विदेश मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, गृह मंत्रालय, जल संसाधन मंत्रालय और चीनी दूतावास मुआवजा पैकेज के साथ ही परियोजना का काम बहाल करने पर गहराई से विचार कर रहे हैं।

14 जुलाई 2021 को परियोजना पर काम कर रही टीम को ले जा रही एक बस खाई में गिर गई थी। विस्फोटकों से लदी कार ने उसे टक्कर मार दी थी। इसमें नौ चीनी इंजीनियरों, दो स्थानीय लोगों और फ्रंटियर कांस्टेबुलरी (FC) के दो कर्मियों सहित 13 लोगों की मौत हो गई और दो दर्जन से अधिक अन्य लोग घायल हो गए थे। बिजनेस रिकार्डर की रिपोर्ट के अनुसार जल संसाधन सचिव डा. शाहजेब खान बंगश के अनुसार जुलाई में चीनी इंजीनियरों पर हमले के बाद से परियोजना का सिविल कार्य ठप है। सूत्रों ने कहा कि सचिव को उम्मीद है कि मुआवजे के मुद्दे को एक दो सप्ताह के भीतर सुलझा लिया जाएगा। इसके बाद साइट पर सिविल वर्क फिर से शुरू हो जाएगा।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.