पाकिस्‍तान में आतंकी हमले में एनजीओ में काम करने वाली चार महिलाओं की हत्‍या

चार महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी।

पाकिस्तान के उत्तरी वजीरिस्तान जिले में आतंकवादियों ने चार महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी। उत्तरी वजीरिस्तान पुलिस ने एक बयान में कहा कि एक प्रमुख शहर में मीर अली में अज्ञात बंदूकधारियों ने महिलाओं को ले जा रहे एक वाहन पर गोलीबारी की।

Arun kumar SinghMon, 22 Feb 2021 04:51 PM (IST)

 इस्लामाबाद, एजेंसियां।  पाकिस्तान में अराजकता की स्थिति चरम पर और मानवाधिकारों के हालात गंभीर हैं। एक तरफ आतंकी फंडिंग और गतिविधियों को रोकने में नाकाम पाक के खिलाफ फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स(एफएटीएफ) ग्रे लिस्ट में नाम पर सुनवाई कर रहा है, दूसरी ओर उत्तरी वजीरिस्तान के मीर अली में महिलाओं के कल्याण के लिए एनजीओ चलाने वाली चार महिलाओं की आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। ये महिला कार्यकर्ता सबावून पाकिस्तानी चैरिटी नाम की संस्था चलाती थीं। जो महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ने के साथ ही उन्हें कुटीर उद्योग के माध्यम से पैरों पर खड़ा करने का काम करती थीं। चारों महिलाएं संस्था के काम से ही बन्नू से मीर अली जा रही थी। इस घटना के बाद पाकिस्तान के इंटरनेट मीडिया में भूचाल आ गया है और जनता आतंकवादियों को पकड़ने की मांग कर रही है।

एक स्थानीय पुलिस अधिकारी इकबाल खान ने कहा कि यह हमला उत्तरी वजीरिस्तान जिले के एक शहर मीर अली के प्रमुख गांव में हुआ। जिला पुलिस प्रमुख शफी उल्लाह खान ने भी हमले की पुष्टि की है। उन्‍होंने कहा कि पुलिस ने हमलावरों का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास में आसपास के इलाकों में खोजबीन अभियान शुरू किया है। माना जा रहा है कि हमलावर पास के पहाड़ों में भाग गए। घटना की किसी ने जिम्मेदारी लेने का दावा नहीं किया है। पुलिस ने कहा कि स्पष्ट तौर पर आतंकवादियों के पास महिलाओं के आने की पूर्व सूचना थी। वे महिलाओं के आने का इंतजार कर रहे थे।

पाकिस्तानी आतंकवादियों ने हाल के महीनों में इस क्षेत्र में अपनी गतिविधियों को बढ़ा दिया है। डर है कि वे पूर्व तालिबानी गढ़ में फिर से इकट्ठा हो रहे हैं। अफगानिस्तान की सीमा से लगे पूर्व कबायली क्षेत्रों में आतंकवादी अक्सर पाकिस्तानी सैनिकों पर हमला करते हैं। उत्तर व दक्षिण वजीरिस्तान जिलों में स्थानीय और विदेशी आतंकवादियों के लिए मुख्य बेस के रूप में काम कर रहे हैं। पाकिस्तानी तालिबान, जिसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के रूप में भी जाना जाता है। यह अफगान तालिबान से एक अलग विद्रोही समूह है, हालांकि पाकिस्तान के आतंकवादी समूह अक्सर सीमा पार उन लोगों के साथ जुड़े होते हैं।

 

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