लाहौर में यौन हमले के मामलों में 300 फीसद की वृद्धि, ग्रेटर इकबाल पार्क की घटना के बाद दर्ज होने लगे हैं केस

पुलिस रिकार्ड का हवाला देते हुए जीओ न्यूज ने रिपोर्ट दी है कि इनमें से अगस्त में 323 और सितंबर में 319 मामले शामिल हैं। डीआइजी शरीक जमाल खान ने कहा झूठा पाए जाने के बाद 110 मामलों को बंद कर दिया गया।

Dhyanendra Singh ChauhanThu, 23 Sep 2021 10:33 PM (IST)
ग्रेटर इकबाल पार्क में 400 संदिग्धों ने एक महिला पर किया था हमला

लाहौर, एएनआइ। लाहौर में हाल ही में यौन हमले के मामले दर्ज होने में 300 फीसद की वृद्धि देखी गई। स्थानीय मीडिया ने पुलिस रिकार्ड का हवाला देते हुए खबर दी है कि लाहौर के ग्रेटर इकबाल पार्क में हुए यौन हमले के बाद ऐसे मामलों के दर्ज होने में वृद्धि हुई है। पार्क में 400 संदिग्धों ने एक महिला पर हमला किया था।

पिछले डेढ़ महीने में 642 मामले दर्ज किए गए। पुलिस रिकार्ड का हवाला देते हुए जीओ न्यूज ने रिपोर्ट दी है कि इनमें से अगस्त में 323 और सितंबर में 319 मामले शामिल हैं। डीआइजी शरीक जमाल खान ने कहा, 'झूठा पाए जाने के बाद 110 मामलों को बंद कर दिया गया।' उन्होंने उल्लेख किया कि इससे पहले भी यौन हमले के मामले होते थे, लेकिन महिलाएं एफआइआर दर्ज कराने से बचती थीं। उन्होंने कहा, 'ग्रेटर इकबाल पार्क की घटना के बाद केस दर्ज कराने में वृद्धि हुई है।'

पिछले महीने पाकिस्तान जिस दिन आजादी का जश्न मना रहा था उसी दिन की घटना को लेकर इंटरनेट मीडिया पर हंगामा हुआ था। महिला ने पुलिस में दर्ज कराई गई अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि 400 लोगों ने 14 अगस्त को उसपर और उसकी सहेलियों पर उस समय हमला कर दिया जब वे लोग मीनार-ए-पाकिस्तान के समीप वीडियो तैयार कर रही थीं। इसके कुछ दिनों बाद एक दूसरा वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर आया जिसमें दूसरी महिला पर हमला हुआ था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा था कि मोबाइल फोन के दुरुपयोग के कारण देश में महिलाओं से जुड़े अपराध में वृद्धि हुई है।

बढ़ते यौन अपराधों पर पाक पीएम का अजीबो गरीब बयान

वहीं, पिछले दिनों पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक अजीबो गरीब बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि मोबाइल फोन के दुरुपयोग के चलते देश में यौन अपराध बढ़ रहे हैं। हमें अपने बच्चों को सीरत-ए-नबी के सर्वोच्च गुणों के बारे में शिक्षित करने की जरूरत है। इमरान के इस बयान की इंटरनेट मीडिया में खूब आलोचना हुई थी।

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