न्‍यूयार्क में पांच वर्ष से अधिक बच्‍चों और निजी कर्मचारियों के ल‍िए वैक्‍सीन अनिवार्य

कोरोना वायरस की महामारी ने पूरी दुनिया को हिला दिया है। वायरस ने अनगिनत जानें ले ली। वहीं कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रोन की दस्तक ने सभी को चिंता में डाल दिया है। नए वैरिएंट के खतरे को देखते हुए न्यूयॉर्क ने टीकाकरण प्रक्रिया को तेज कर दिया है

Ashisha RajputPublish:Tue, 07 Dec 2021 01:28 PM (IST) Updated:Tue, 07 Dec 2021 04:49 PM (IST)
न्‍यूयार्क में पांच वर्ष से अधिक बच्‍चों और निजी कर्मचारियों के ल‍िए वैक्‍सीन अनिवार्य
न्‍यूयार्क में पांच वर्ष से अधिक बच्‍चों और निजी कर्मचारियों के ल‍िए वैक्‍सीन अनिवार्य

न्यूयॉर्क, रायटर। कोरोना वायरस की महामारी ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। इस वायरस ने अनगिनत जानें  ले ली। वहीं कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रोन की दस्तक ने सभी को चिंता में डाल दिया है। नए वैरिएंट के खतरे को देखते हुए न्यूयॉर्क ने टीकाकरण प्रक्रिया को तेज कर दिया है, जिसमें  5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए और निजी क्षेत्र की कंपनियों के कर्मचारियों के लिए वैक्सीन जरुरी कर दी गई है।

बता दें कि अमेरिका में ओमिक्रोन वैरिएंट का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। नए वैरिएंट के प्रकोप से बचने के लिए अभी एक मात्र टीकाकरण ही उपाय साबित हो सकता है। मेयर बिल डी ब्लासियो ने कहा कि सबसे अधिक आबादी वाले अमेरिकी शहर ने निजी कंपनी के सभी 184 हजार युवा कर्मचारियों को 27 दिसंबर तक का समय दिया है, जिसके बाद उनसे टिका लगे होने का प्रमाण लिया जाएगा।

यही नहीं, इसके अलावा 5 से 11 वर्ष के बच्चों को 14 दिसंबर तक कम से कम एक वैक्सीन की खुराक मिलनी आवश्यक है और 12 वर्ष और उससे अधिक उम्र के बच्चों को 27 दिसंबर तक पूरी तरह से टीका लगाया जाना अनिवार्य होगा, ताकि वे रेस्तरां में प्रवेश कर सकें और अन्य गतिविधियों में भाग ले सकें।

शहर की वेबसाइट के अनुसार, न्यूयॉर्क के 5 से 12 वर्ष की आयु के लगभग 27 फीसद बच्चों ने वैक्सीन की कम से कम एक खुराक ली है और 15 फीसद को पूरी तरह से टीकाकरण दिया जा चूका है।

WHO ने COVID-19 के लिए रक्त प्लाज्मा उपचार के खिलाफ दी सलाह

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सोमवार को उन रोगियों के रक्त प्लाज्मा का उपयोग करने के खिलाफ सलाह दी, जो बीमार लोगों के इलाज के लिए कोविड-19 से ठीक हो चुके हैं। डब्ल्यूएचओ ने सोमवार को एक बयान में कहा, यह तरीका महंगा और समय लेने वाला भी है और वर्तमान साक्ष्य से पता चलता है कि यह तरीका न तो जीवित रहने में सुधार करता है और न ही वेंटिलेटर की आवश्यकता को कम करता है।