थाईलैंड में कोविड-19 संक्रमण के दैनिक मामलों में बड़ा उछाल, एहतियातन देश में लागू किए गए सख्त प्रतिबंध

थाईलैंड ने शुक्रवार को बैंकॉक और नौ प्रांतों में कोरोनोवायरस संक्रमण फैलने से रोकने के लिए सख्त प्रतिबंध लागू किए हैं। इन प्रतिबंधों में ट्रैवल मॉल बंद करना कर्फ्यू और सभाओं के आयोजन पर रोक का प्रावधान है। देश में संक्रमण के मामलों में बड़ा उछाल दर्ज किया गया है।

Amit KumarSat, 10 Jul 2021 07:46 AM (IST)
बैंकॉक और नौ प्रांतों में कोरोनोवायरस संक्रमण फैलने से रोकने के लिए सख्त प्रतिबंध लागू किए हैं।

बैंकॉक,रायटर्स: थाईलैंड ने शुक्रवार को राजधानी बैंकॉक और नौ प्रांतों में कोरोनोवायरस संक्रमण फैलने से रोकने के लिए सख्त प्रतिबंध लागू किए हैं। इन प्रतिबंधों में ट्रैवल, मॉल बंद करना, कर्फ्यू और सभाओं के आयोजन पर रोक का प्रावधान है। कुछ प्रतिबंध शनिवार से लागू होंगे, तो कुछ सोमवार से इसी बीच थाईलैंड में दैनिक संक्रमण के मामलों में सबसे बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। आंकड़ों के मुताबिक देश में एक दिन में कुल 9,276 संक्रमण के नए मामले सामने आए, वहीं 72 मौतें दर्ज की गई हैं।

नाइट कर्फ्यू रहेगा लागू

सरकार के कोरोना टास्कफोर्स के प्रवक्ता अपिसमाई श्रीरंगसन ने बताया कि, देश के 10 प्रांतों में अनावश्यक यात्राओं पर प्रतिबंध होगा और लोग रात 9 बजे से सुबह 4 बजे के बीच अपने घर से बाहर नहीं निकल सकेंगे। वहीं बैंकॉक और आसपास के पांच प्रांतों में मॉल, ब्यूटी क्लीनिक, स्पा और मसाज की दुकानें सोमवार से बंद होनी चाहिए। इस दौरान कोविड-19 परीक्षण सुविधाओं का विस्तार बेहतर तरीके से पता लगाने और समूहों को अलग करने के लिए किया जाएगा। साथ ही एक जगह पर सिर्फ पांच लोगों के इकट्ठा होने की सीमा तय की गई है, हालांकि कुछ अपवाद होंगे। सरकार ने अंतर-प्रांतीय यात्रा को भी नहीं करने की सलाह दी है। थाईलैंड ने शुक्रवार को जापान द्वारा दी गई एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की डिलीवरी ली है।

वैक्सीनेशन पर रहेगा जोर

अपिसमाई ने बताया कि, एस्ट्राजेनेका वैक्सीन, फाइजर और बायोएन टेक का इस्तेमाल बुजुर्गों, गंभीर तौर से बीमार लोगों के साथ-साथ 60 से अधिक विदेशी निवासियों, राजनयिकों और एथलीटों के लिए किया जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि, मेडिकल पर्सनल को फाइजर-बायोएनटेक एमआरएनए बूस्टर वैक्सीन की पेशकश की जाएगी।

सिनोवैक को लेकर संशय

गौरतलब है कि, ज्यादातर थाई चिकित्साकर्मियों को चीन में विकसित सिनोवैक वैक्सीन लगाई गई है। जिसको लेकर कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि, ये अधिक संक्रामक डेल्टा कोरोनावायरस वेरिएंट के खिलाफ कम प्रभावी हो सकती है।

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