तालिबान सरकार में पुरुषों का बोलबाला, कैबिनेट विस्तार में एक भी महिला को नहीं किया गया शामिल

मंगलवार को तालिबान ने कैबिनेट के बाकी मंत्रियों की भी घोषणा कर दी है और इसमें किसी महिला को जगह नहीं दी गई है। तालिबान प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने मंगलवार को काबुल में एक प्रेस कांफ्रेंस कर नए उप मंत्रियों की सूची जारी की है।

Neel RajputTue, 21 Sep 2021 02:40 PM (IST)
महिलाओं की पढ़ाई पर भी संशय (फोटो- एएनआइ)

काबुल, एपी। अफगानिस्तान में अपनी नई सरकार में एक भी महिला शामिल ना करने पर आलोचनाओं से घिरे तालिबान ने फिर से ऐसा कदम उठाया है, जिससे उसने अपने मंसूबे साफ कर दिए हैं। तालिबान ने कैबिनेट विस्तार में भी किसी महिला को शामिल नहीं किया है, जिससे यह साफ हो गया है कि तालिबान राज में सिर्फ पुरुषों का ही बोलाबाला रहने वाला है। अब देश में महिलाओं के लिए कोई मंत्रालय नहीं बचा है।

मंगलवार को तालिबान ने कैबिनेट के बाकी मंत्रियों की भी घोषणा कर दी है और इसमें किसी महिला को जगह नहीं दी गई है। तालिबान प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने मंगलवार को काबुल में एक प्रेस कांफ्रेंस कर नए उप मंत्रियों की सूची जारी की है। जबीउल्लाह ने कहा कि धीरे-धीरे तालिबान सरकार में महिलाओं, अल्पसंख्यकों और प्रोफेशनलों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तालिबान सरकार में महिलाओं और एक्सपर्ट्स को शामिल करने को लेकर काम चल रहा है। हालांकि यह कब तक होगा इसका कोई समय तय नहीं है।

कैबिनेट विस्तार में सिर्फ पुरुषों को शामिल करने से यह बात साफ है कि महिलाओं को शामिल ना करने को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही आलोचनाओं से तालिबान पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय पहले ही चेतावनी दे चुका है कि वह तालिबान को उनके कार्यों से आंकेगा और तालिबान के नेतृत्व वाली सरकार को मान्यता देने का निर्णय भी महिलाओं और अल्पसंख्यकों के साथ किए जा रहे व्यवहार पर निर्भर करेगा। 1990 के दशक के अंत में अपने पिछले शासन में तालिबान ने लड़कियों और महिलाओं के स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर काम करने पर रोक लगा दी थी।

तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में मंत्रिमंडल में नवीनतम विस्तार का बचाव करते हुए कहा कि इसमें जातीय अल्पसंख्यकों के सदस्य शामिल किए गए हैं और कहा कि हजारा समुदाय के लोगों व महिलाओं को बाद में इसमें शामिल किया जा सकता है।

मुजाहिद ने तालिबान के नेतृत्व वाली सरकार को मान्यता देने के मामले में कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि इसे रोकने का कोई कारण नहीं बनता है। उन्होंने कहा, 'यूरोपीय, एशियाई और इस्लामी देशों समेत अन्य देशों के लिए हमारे साथ राजनयिक संबंध रखने के लिए हमारी सरकार को मान्यता देना संयुक्त राष्ट्र की जिम्मेदारी है।'

मुजाहिद से लड़कियों और महिलाओं पर हाल ही में लगाए गए प्रतिबंधों के बारे में भी पूछा गया, जिसमें कक्षा छह से 12 तक की लड़कियों को फिलहाल कक्षाओं में वापस नहीं आने देने का निर्णय शामिल है। मुजाहिद ने सुझाव दिया कि यह एक अस्थायी निर्णय था और जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी कि वो कब से स्कूल जा सकेगी। उन्होंने कहा कि लड़कियों को फिर से स्कूल भेजने की योजना बनाई जा रही है, लेकिन इस बारे में उन्होंने विस्तार से जानकारी नहीं दी है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.