तल्ख हो रहे संबंधों को सुधारने के लिए साउथ कोरिया ने नॉर्थ कोरिया तानाशाह की ओर बढ़ाया हाथ

साउथ कोरिया के राष्ट्रपति मून जे उन और नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन। (फाइल फोटो)
Publish Date:Mon, 28 Sep 2020 12:32 PM (IST) Author: Vinay Tiwari

सियोल, रॉयटर्स। साउथ कोरिया और नॉर्थ कोरिया के बीच संबंधों में हमेशा ही खटास रहती है। दोनों देशों के बीच संबंधों को मधुर बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए गए मगर फायदा नहीं हुआ। आज भी दोनों देशों के बीच तल्खी बनी हुई है। कुछ माह पहले तो दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालात हो गए थे मगर फिर शांति की अपील के चलते माहौल शांत हुआ। अब दोनों देशों के बीच संबंधों को मधुर करने के लिए साउथ कोरिया के राष्ट्रपति मून जे उन की ओर से फिर से कदम उठाया गया है। 

साउथ कोरिया के राष्ट्रपति मून-जे-इन ने नॉर्थ कोरिया के साथ सैन्य हॉटलाइन को बहाल करने के लिए कहा है जिससे अप्रत्याशित घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। दरअसल दो दिन पहले नॉर्थ कोरिया की सेना ने साउथ कोरिया के एक मत्स्य अधिकारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

उसके बाद ये भी कहा गया कि नॉर्थ कोरिया ने उस अधिकारी को गोली मारने के बाद जला दिया। जबकि नॉर्थ कोरिया ने जलाए जाने की घटना से इनकार किया था। कहा था कि उन्होंने समुद्र में उस नाव को आग लगाई थी जिसमें संदिग्ध के होने का शक था। जब नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन को इस घटना के बारे में पता चला और साउथ कोरिया के अधिकारी को गोली मारे जाने की जानकारी हुई तो उन्होंने इस घटना पर दुख व्यक्त किया था। 

कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए दोनों देशों की सीमाओं पर एलर्ट है। नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने तो शूट एट साउट के आदेश दे रखे हैं। ऐसे में सीमा पर जब भी कोई संदिग्ध दिखता है तो सेना के तैनात जवान उस व्यक्ति को गोली मार देते हैं उससे किसी तरह की पूछताछ नहीं की जा रही है। दो दिन पहले सेना के जिस अधिकारी को गोली मारी गई ये उसी आदेश का नतीजा है। साउथ कोरिया ने नॉर्थ कोरिया से इस घटना पर आपत्ति दर्ज कराई।  

मालूम हो कि कुछ माह पहले तक साउथ कोरिया के लोग सीमा पर पहुंचकर नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री गुब्बारे की मदद से उड़ा देते थे। ये सामग्री नॉर्थ कोरिया के शहर में जाकर गिरती थी जिसकी वजह से तानाशाह के बारे में लोगों को गलत जानकारी मिलती थी। इस तरह की घटनाएं सामने आने के बाद तानाशाह किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने साउथ कोरिया को इस पर रोक लगाने की मांग की थी।

मगर साउथ कोरिया की ओर से इस पर कोई खास ध्यान नहीं दिया गया। इससे नाराज होकर किम यो जोंग ने कहा था कि जब साउथ कोरिया उनकी बातों पर ध्यान नहीं देता है तो सीमा पर बनाए गए लॉयजन ऑफिस का क्या मतलब है। उसके अगले दिन नॉर्थ कोरिया ने ब्लास्ट करके इस लॉयजन ऑफिस को ही बम से उड़ा दिया था। साथ ही दोनों देशों के बीच हॉटलाइन को भी खत्म कर दिया गया था। 

हॉटलाइन खत्म होने के बाद दोनों देशों के बीच संवाद पूरी तरह से बंद हो गया था। अब जब नॉर्थ कोरिया ने साउथ कोरिया के एक अधिकारी की सीमा पर गोली मारकर हत्या कर दी तो साउथ कोरिया के राष्ट्रपति को फिर से इस हॉटलाइन की आवश्यकता महसूस हो रही है। तब उन्होंने बयान दिया कि नॉर्थ कोरिया के साथ संबंध बेहतर करने के लिए इस हॉटलाइन को फिर से बहाल किया जाए जिससे दोनों देशों के बीच सीमा किनारे इस तरह की घटनाएं न हो सकें। 

हॉटलाइऩ बहाल हो जाने के बाद सीम पर मौजूद दोनों देशों के प्रतिनिधि आपस में बात कर सकेंगे, साथ ही ये संदेश भी दे सकेंगे कि उनके यहां के अधिकारी किसी काम की वजह से सीमा पर पहुंच रहे हैं या मौजूद है तो उस पर फायर आदि न किया जाए। जिससे वो सुरक्षित महसूस कर सकेंगे। जब से सीमा पर लॉयजन ऑफिस खत्म हुआ है और हॉटलाइन बंद हुई है उसके बाद से अधिकारियों की ओर से सीमा किनारे जाने पर एहतियात बरती जा रही है मगर दो दिन पहले हादसा हो ही गया। 

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.