हांगकांग: लोकतंत्र समर्थकों का पांचवें दिन भी आंदोलन जारी, प्रशासन ने स्‍कूल और कॉलेज बंद किए

हांगकांग, एजेंसी । हांगकांग में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने रातभर हिंसक झड़पों के बाद स्कूलों तथा विश्वविद्यालयों में कक्षाएं निलंबित कर दी गई हैं। उधर, प्रदर्शनकारियों ने कई मार्गों को अवरुद्ध कर दिया। आंदोलन के पांचवें दिन भी लोगों का गुस्‍सा बरकरार है। प्रदर्शनकारियों ने रेल मार्ग को भी बाधित किया। कई ट्रेनों को भी क्षति पहुंचाई गई। ऐहतियात के तौर पर हांगकांग प्रशासन ने कई सबवे और रेलवे स्टेशन और मेट्रो ट्रेंनों को बंद कर दिया गया। इस प्रदर्शन में एक युवा को चोट भी आई। 

प्रदर्शनकारी 'यह स्‍वतंत्रता की लड़ाई है' और  'हांगकांग के साथ खड़े हो' के नारे लगा रहे थे। इस प्रदर्शन में छात्रों और हजारों केद्रीय कर्मचारी भी शामिल हुए। बता दें कि बुधवार को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच रातभर चाइनीज यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग में झड़पें हुई। यहां स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारी उत्पात मचा रहे हैं और पांच महीने से भी अधिक समय से जारी प्रदर्शनों के चलते हांगकांग पूरी तरह से टूटने की कगार पर है।

हांगकांग पुलिस ने हिंसा के लिए 88 को गिरफ्तार किया

हांगकांग के कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक संस्थानों और दुकानों को नष्ट किया, पुलिसकर्मियों पर हमला किया और सड़क अवरुद्ध की। हांगकांग पुलिस ने 11 नवंबर को इसकी कड़ी निंदा की। इस मामले में अब तक पुलिस ने 88 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया। बताया जाता है कि अमेरिका ने हांगकांग की ताज़ा हिंसा में घातक बल के अनुचित उपयोग की निंदा की। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कार्यालय ने संबंधित पक्षों को शांति व संयमित रहने का आग्रह किया। ब्रिटिश प्रधानमंत्री शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का समर्थन करते हैं।

कंग श्वांग ने इसके तहत कहा, दुनिया के किसी भी देश में, पुलिस के आग्नेयास्त्रों को लूटने, पुलिस के अधिकारियों पर हमला करने या पुलिस की व्यक्तिगत सुरक्षा को धमकी देने का अनुमति नहीं है। हिंसा को रोकना और हांगकांग में सामान्य वातावरण बनाए रखना हांगकांग का सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। हांगकांग के मामले विशुद्ध रूप से चीन के आंतरिक मामले हैं, इसमें किसी भी विदेशी सरकार, संगठन या व्यक्ति को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।

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