संयुक्त राष्ट्र में POK एक्टिविस्ट बोले- पाकिस्तान को हमारे साथ जानवरों जैसा व्यवहार करने से रोकें, सभी अधिकार छीने

एक्टिविस्ट मोहम्मद सज्जाद राजा UN में पाकिस्तान पर खुलासा करते हुए।
Publish Date:Fri, 25 Sep 2020 12:31 PM (IST) Author: Nitin Arora

जेनेवा, एएनआइ। पाकिस्तान चाहे जितना ही ढोंग क्यों ना कर ले, लेकिन पीओके यानी गुलाम कश्मीर की जनता वहां की सरकार से कितना परेशानी है इसका एक और सबूत गुरुवार को जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भी मिला। गुलाम कश्मीर के एक्टिविस्ट मोहम्मद सज्जाद राजा ने संयुक्त राष्ट्र में एक बड़ी अपील की है। संयुक्त राष्ट्र में पीओके कार्यकर्ता मोहम्मद सज्जाद राजा ने कहा कि गुलाम कश्मीर में लोगों के साथ जानवरों जैसा व्यवहार हो रहा है। 

राजा ने पाकिस्तान की असलियत सामने लाते हुए गुहार लगाई कि हम पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के लोगों को बचाया जाए। पाकिस्तान हमारे साथ जानवरों जैसा व्यवहार कर रहा है, उसे रोका जाए। उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान ने POK के लोगों के सभी अधिकार छीन लिए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि आजाद कश्मीर चुनाव अधिनियम (2020) लागू कर हमारे राजनीतिक, नागरिक और संवैधानिक अधिकारों को छीन लिया गया है। हम अपने ही घर में देशद्रोही माने जाते हैं। ऐसे में हमसे बहुत बुरा बर्ताव किया जा रहा है, उसे रोका जाए। इसके अलावा राजा ने आगे बताया कि पाकिस्तान पीओके और सीमापार भारत के युवाओं का भी ब्रेन वॉश कर रहा है। उसने हमारी आजादी छीन ली है। वो हमारी आवाज को दबाता है लेकिन हमें उम्मीद है कि हमारी आवाज UN में जरूर सुनी जाएगी। हम UN से शांति की भीख मांगते हैं कि हमारे साथ न्याय किया जाए।

कहा जा रहा है कि पाकिस्तान अब गिलगित-बाल्टिस्तान को अपना प्रांत घोषित करने की कोशिश कर रहा है, जिससे वहां के लोगों की परेशानी बढ़ जाएगी। बता दें कि पाकिस्‍तानी सेना के अफसर कश्‍मीरी लोगों पर आत्‍मघाती हमला करवाते हैं। घरों से उठाकर ले जाते हैं।

हाल ही में लद्दाख के भाजपा सांसद जामयांग सेरिंग नांग्याल ने कहा है कि पाकिस्तान अपने कब्जे वाले भारतीय क्षेत्र गिलगिट-बाल्टिस्तान में बड़े पैमाने पर जातीय नरसंहार करने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि गिलगिट-बाल्टिस्तान भारत का हिस्सा है और मैं वहां के लोगों के साथ हूं।

गिलगिट-बाल्टिस्तान में 15 नवंबर को विधानसभा चुनाव कराने के पाकिस्तान के फैसले की भारत ने गुरुवार को तीखी आलोचना की। भारत का कहना है कि सेना के कब्जे वाले इस क्षेत्र की स्थिति बदलने के किसी भी कार्य का कोई कानूनी आधार नहीं है। वर्चुअल मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने इस मुद्दे पर पाकिस्तानी नेतृत्व की ओर से दिए बयान का जिक्र करते हुए कहा था कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों में टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।

हाल में ऐसे खबरें आई कि पाकिस्तान गिलगिट-बाल्टिस्तान को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की फिराक में है। पाकिस्‍तान ने इस क्षेत्र में 15 नवंबर को विधानसभा चुनाव कराने का एलान किया है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी ने बुधवार को गिलगिट-बाल्टिस्तान में चुनाव कराने के संबंध में अधिसूचना जारी की। गिलगिट-बाल्टिस्तान में गत 18 अगस्त को ही विधानसभा चुनाव कराया जाना था, लेकिन कोरोना महामारी के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था।

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