Flying Race Car : पायलट रहित फ्लाइंग रेस कार ने पहली बार आकाश की ऊंचाइयों को छुआ, जानें इसकी खूबियां

हाईवे पर गाड़ी चलाने की तरह आसमान में घूमने का दशकों पुराना सपना जितना हमने सोचा था उससे कहीं ज्यादा तेजी से हकीकत बनता जा रहा है। एक पूरी तरह से पायलट रहित फ्लाइंग रेस कार ने पहली बार आकाश की ऊंचाइयों को छुआ है।

Ramesh MishraFri, 18 Jun 2021 05:07 PM (IST)
पायलट रहित फ्लाइंग रेस कार ने पहली बार आकाश की ऊंचाइयों को छुआ। फाइल फोटो।

सिडनी, एजेंसी। हाईवे पर गाड़ी चलाने की तरह आसमान में घूमने का दशकों पुराना सपना जितना हमने सोचा था, उससे कहीं ज्यादा तेजी से हकीकत बनता जा रहा है। एक पूरी तरह से पायलट रहित फ्लाइंग रेस कार ने पहली बार आकाश की ऊंचाइयों को छुआ है। ये कामयाबी इस साल के अंत में होने वाली रिमोट पायलट रेस से पहले हासिल हुई है। ये रेस तीन अंतरराष्ट्रीय स्थानों पर आयोजित की जाएगी, लेकिन उन जगहों के नाम अभी जारी नहीं किए गए हैं।

अलाउडा एमके 3 की पहली उड़ान कंपनी के इलेक्ट्रिक फ्लाइंग कार ग्रांड प्रिक्स के टारगेट को एक कदम और करीब ले आई है। एडिलेड स्थित अलाउडा एयरोनॉटिक्स के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मैट पियर्सन ने एक साक्षात्कार में कहा, 'आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। मैं आज दुनिया को मार्क 3 दिखाने में कामयाब रहा। अब फ्लाइंग कार्स की रेस बहुत जल्द संभव हो सकेगी। अलाउडा के मुताबिक, एमके 3 का एयरस्पीडर फॉर्मूला 1 कार पर आधारित एक मल्टीकॉप्टर क्राफ्ट है। इसमें एफ 15 फाइटर जेट की अपेक्षा ज्यादा थ्रस्ट-टू-वेट रेशियो है।'

पियरसन की अंतिम योजना एयरस्पीडर रेस सीरीज है, जो कि पायलट के लिए एक मल्टीकॉप्टर रेस सीरीज होगी। लेकिन वो अपनी ईएक्सए सीरीज का इस्तेमाल कर रहा है, ताकि मार्क 3S को आधार दिया जा सके। पियर्सन के मुताबिक ईएक्सए सीरीज हमेशा मुख्य एयरस्पीडर इवेंट है और आने वाली रेसिंग क्रू के लिए एक फीडर सीरीज होगी। साथ ही इसमें सबसे अच्छी बात ये होगी कि, यह हमेशा पूरी तरह से वाहनों की तरह ही दिखेंगी, लेकिन वो पूरी तरह से फंक्शनल इलेक्ट्रिक फ्लाइंग कारें होंगी। उन्होंने कहा कि, बैटरी का आकार, हवाई यातायात नियंत्रण और अन्य कुछ मुद्दे व्यावसायीकरण के लिए कई संभावित चुनौतियों में से हैं।

पियर्सन का मानना है कि इलेक्ट्रिक फ्लाइंग कार रेसिंग ईवीटीओएल एडवांस्ड एयर मोबिलिटी क्राफ्ट के विकास को तेज करेगा। यह एक ऐसा बाजार है, जिसमें अलाउडा एयरोनॉटिक्स भी हिस्सा चाहता है। उन्होंने कहा कि, अगर 100साल पीछे देखे तो ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में तेजी आई है। हवाई जहाज का विकास हुआ, तेज रफ्तार में दौड़ने वाली गाड़ियां बाजार में आई। लेकिन अब कुछ और नए की जरूरत है।

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