सू की के 76वें जन्म दिन पर अपदस्थ नेता के समर्थन में लोगों ने बालों में फूल लगाकर किया सैन्य तख्ता पलट का विरोध

म्यांमार की अपदस्थ नेता सू की के जन्मदिन पर प्रदर्शनकारियों ने उनके अंदाज में फूल पहनकर किया समर्थन। 2017 में अशांत रखाइन राज्य में रोहिंग्या आबादी के खिलाफ नरसंहार के आरोपों पर म्यांमार सेना के बचाव करने के बाद नोबल शांति पुरस्कार विजेता की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा था।

Bhupendra SinghSun, 20 Jun 2021 02:10 AM (IST)
लोगों ने सू की के समर्थन में अपने केश में फूल लगाकर दी जन्मदिन की बधाई

म्यांमार, एएफपी। म्यांमार में तख्तापलट विरोधी प्रदर्शनकारियों ने अपदस्थ नेता आंग सान सू की के जन्मदिन के मौके पर शनिवार को बालों में फूल लगाकर समर्थन किया। सान सू अभी अपने घर में नजरबंद हैं। जो अगले सप्ताह फिर से अदालत का सामना करने वाली हैं।

आंग सू की की चुनी हुई सरकार का तख्तापलट

सैन्य कार्रवाई से 1 फरवरी 2021 को आंग सू की की चुनी हुई सरकार का तख्तापलट हो गया। जिन पर चुनाव में धांधली का आरोप लगा। तख्तापलट के बाद व्यापक पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ और इसके सीमा क्षेत्रों में सैन्य और जातीय विद्रोही सेनाओं के बीच नए सिरे से संघर्ष जारी हो गया।

सू की के 76वें जन्म दिन पर शांतिपूर्ण तरीके से फूलों के साथ लोगों ने सैन्य तख्ता पलट का किया विरोध

म्यांमार में सैन्य तख्ता पलट के बाद से जेल में बंद नेता आंग सान सू की के 76वें जन्मदिन पर देश में जगह-जगह शांतिपूर्ण तरीके से फूलों के साथ विरोध किया गया। महिलाओं ने अपने बालों में फूल लगाए।

लोगों ने सू की के समर्थन में अपने केश में फूल लगाकर दी जन्मदिन की बधाई

जूड़े में बंधे फूल लंबे समय से आंग सान सू की का सिग्नेचर लुक रहा हैं, जो इस शनिवार को 76 साल की हो गईं। इसी वजह से कई लोगों ने उनके समर्थन में अपने केश में फूल लगाया और सोशल मीडिया पर तस्वीरें अपलोड कीं। इनमें म्यांमार की मिस यूनिवर्स ब्यूटी क्वीन थूजर विंट ल्विन भी शामिल हैं। जिन्होंने अपने बालों में लाल फूल लगाया और लिखा "हमारे नेता स्वस्थ रहें।" ऐसे बहुत सारे रोचक संकेत पढ़े जा सकते हैं।

जन्मदिन मुबारक हो मां सू, प्रदर्शनकारियों ने दी बधाई

यांगून के उत्तर में प्रदर्शनकारियों ने आंग सान को जन्मदिन की बधाई देते हुए अपनी एकजुटता व्यक्त करने के लिए बिजली लाइनों पर "जन्मदिन मुबारक हो मां सू। हम ठीक आपके पीछे हैं," कुछ ने काली छतरियों और बैनरों के साथ मार्च किया। जिन पर सान सू की तस्वीरों के साथ "डर से मुक्ति" लिखा हुआ था। करेन राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र में कुछ विद्रोही सैनिकों ने अपनी बंदूकें के साथ पीले, सफेद और बैंगनी रंग के फूलों को अपने कानों के पीछे लगाकर फोटो खिंचवाए।

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने म्यांमार की सैन्य शासन जुंटा को दिया करारा झटका

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने म्यांमार के मुद्दे पर प्रस्ताव पारित करते हुए सैन्य शासन जुंटा को करारा झटका दिया है। प्रस्ताव में सैन्य शासक को फटकार लगाते हुए कहा है कि वे पांच माह से किए गए अधिग्रहण को तुरंत समाप्त करे और जेल में बंद सभी नेताओं को छोड़े। संयुक्त राष्ट्र ने जुंटा को विरोधियों की हत्या बंद करने के लिए भी कहा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में म्यांमार पर लाए गए प्रस्ताव के समर्थन में 191 सदस्य देशों ने मतदान किया। एक देश बेलारूस ने विरोध में मतदान किया। 36 सदस्य देश मतदान से अलग रहे। महासभा ने सैन्य तख्ता पलट की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र को बहाल करने के लिए जरूरी सभी प्रयासों को यहां नजरंदाज किया गया है। सदस्य देशों से कहा गया कि वे म्यांमार में हथियार आपूर्ति पर प्रतिबंध लगा दें। एक दिन पहले ही पांच वर्ष का अपना दूसरा कार्यकाल शुरू करने वाले संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतेरस ने प्रस्ताव पारित होने के बाद कहा 'हम ऐसी दुनिया में नहीं रह सकते, जहां सैन्य तख्ता पलट आदर्श बन जाए।'

म्यांमार पर प्रस्ताव से भारत रहा अलग

संयुक्त राष्ट्र महासभा में म्यांमार पर लाए गए प्रस्ताव पर भारत वोटिंग से अलग रहा। भारत ने प्रस्ताव पर कहा कि यह जल्दबाजी में लाया गया है और उसके विचार इस प्रस्ताव में परिलक्षित नहीं होते हैं। भारत के साथ ही पड़ोसी देश चीन, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, थाईलैंड, लाओस और रूस भी अनुपस्थित रहे। भारत के संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि प्रस्ताव बिना पड़ोसी देशों से सलाह किए लाया गया है। यह प्रस्ताव आसियान देशों के समाधान खोजने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रतिकूल असर डालेगा।

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