उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया से वार्ता की इच्‍छा जताई लेकिन शत्रुतापूर्ण नीतियों को खत्म करने की रखी यह शर्त

उत्तर कोरिया ने पड़ोसी दक्षिण कोरिया के साथ वार्ता बहाल करने की इच्छा जताई है। हालांकि इसके साथ ही शत्रुतापूर्ण नीतियों और दोहरे मानदंड को खत्म करने की शर्त भी रखी है। जानें उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने क्‍या रखी शर्त...

Krishna Bihari SinghFri, 24 Sep 2021 04:21 PM (IST)
उत्तर कोरिया ने पड़ोसी दक्षिण कोरिया के साथ वार्ता बहाल करने की इच्छा जताई है।

सियोल, एपी। उत्तर कोरिया ने पड़ोसी दक्षिण कोरिया के साथ वार्ता बहाल करने की इच्छा जताई है। हालांकि इसके साथ ही शत्रुतापूर्ण नीतियों और दोहरे मानदंड को खत्म करने की शर्त भी रखी है। उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन की प्रभावशाली बहन किम यो जोंग ने कहा कि अगर उत्तर कोरिया को लेकर दक्षिण कोरिया अपनी शत्रुतापूर्ण नीतियों और दोहरे मानदंड को बढ़ावा देना बंद करता है तो उनका देश बातचीत बहाल करने की इच्छा रखता है।

खुल सकती शांति की राह

किम यो जोंग का यह बयान दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन की उस अपील पर आया, जिसमें उन्होंने वर्ष 1950-53 के कोरियाई युद्ध को खत्म करने की घोषणा के लिए वार्ता की मांग दोहराई थी। इससे शांति की राह खुल सकती है। उस दौर में दोनों देशों में युद्ध विराम हो गया था, लेकिन शांति समझौता अभी तक नहीं हुआ है।

हाल में किए थे कई मिसाइल परीक्षण

किम की बहन के इस वार्ता प्रस्ताव से कुछ दिनों पहले ही उत्तर कोरिया ने कई मिसाइल परीक्षण किए थे। इस दौरान दक्षिण कोरिया ने भी पनडुब्बी से मार करने वाली मिसाइल का पहला परीक्षण किया था। बता दें कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास और अमेरिका की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों को उत्तर कोरिया अपने प्रति शत्रुतापूर्ण रवैया मानता है।

2018 से सुधरे थे संबंध

वर्ष 2018 से उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच संबंधों में सुधार आया था। नतीजन तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन के बीच तीन बार मुलाकात हुई थी, लेकिन 2019 में परमाणु मसले पर बातचीत विफल हो गई थी। इसके बाद से उत्तर कोरिया की अमेरिका और दक्षिण कोरिया से वार्ता बंद है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.