म्यांमार के अपदस्थ राष्ट्रपति विन मिंट पर लगे दो नए आरोप, एक फरवरी को हुए थे गिरफ्तार

म्यांमार के अपदस्थ राष्ट्रपति विन मिंट। (फोटो- रायटर)

म्यांमार के अपदस्थ राष्ट्रपति विन मिंट दो नए आरोपों का सामना कर रहे हैं। उनके वकील खिन मोंग जॉ ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। इसमें संविधान के उल्लंघन का आरोप शामिल है। इसके तहत उन्हें तीन साल तक की जेल की सजा हो सकती है।

TaniskWed, 03 Mar 2021 09:57 AM (IST)

नेपिता, रायटर। म्यांमार के अपदस्थ राष्ट्रपति विन मिंट दो नए आरोपों का सामना कर रहे हैं। उनके वकील खिन मोंग जॉ ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। इसमें संविधान के उल्लंघन का आरोप शामिल है। इसके तहत उन्हें तीन साल तक की जेल की सजा हो सकती है। बता दें कि एक फरवरी को म्यांमार की सेना ने पिछले सप्ताह देश की निर्वाचित सरकार को हटाकर देश को अपने नियंत्रण में ले लिया था। इस दौरान सेना ने आंग सान सूकी और विन मिंट समेत अन्य नेताओं को गिरफ्तार कर लिया था। विन मिंट कोरोनो वायरस प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने के आरोपों का भी सामना कर रहे हैं। उनके वकील ने बताया कि पेशी की तारीख ज्ञात नहीं है।

वहीं, म्यांमार की अपदस्थ नेता आंग सान सूकी सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश हुई। उन पर दो और आरोप लगाए गए हैं, लेकिन समर्थकों का कहना है कि यह पूरी मनगढ़ंत हैं। पेशी के दौरान देश की पूर्व सर्वोच्च नेता पूरी तरह सेहतमंद लग रही थीं। सूकी ने अपने वकीलों से मिलने की इच्छा जताई है। अगली सुनवाई 15 मार्च को होगी। एक फरवरी को हुए तख्तापलट के बाद यह पहला मौका था जब सूकी को सार्वजनिक तौर पर देखा गया है।

आसियान की बैठक

बता दें कि म्यांमार में चल रहे राजनीतिक उथल-पुथल को लेकर एसोसिएशन ऑफ साउथ ईस्ट एशियन नेशन (आसियान) के विदेश मंत्रियों का एक वीडियो सम्मेलन मंगलवार को हुआ। म्यांमार भी इसका सदस्य है। आसियान देशों के विदेश मंत्रियों ने अपदस्थ नेता आंग सान सूकी को रिहा करने और विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील की।

प्रदर्शनकारियों पर फिर फायरिंग

देश में तख्तापलट के खिलाफ मंगलवार को भी लोकतंत्र समर्थक सड़क पर उतरे और जगह-जगह प्रदर्शन किया। इस दौरान यंगून में  पुलिस ने भीड़ के तितर-बितर करने के लिए स्टन ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। वहीं पश्चिमी शहर काले में प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग हुई। पूरे देश में सैन्य तख्तापलट के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। इसमें अब तक 21 लोगों की मौत है। सेना तख्तापलट को नवंबर में हुए चुनावों में धांधली की बात कहकर सही ठहरा रही है। इस चुनाव में आंग सान सूकी की पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की थी।

 

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