नेपाल में पैदा हुआ न्यायिक संकट, सरकार से साठगांठ के आरोपों पर चीफ जस्टिस का इस्तीफे से इन्कार

नेपाल के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस चोलेंद्र शमशेर राणा के पद से इस्तीफा देने से इन्कार करने के बाद देश में एक न्यायिक संकट पैदा हो गया है। जस्टिस राणा पर एक करीबी रिश्तेदार को शेर बहादुर देउबा सरकार में मंत्री बनाने में मदद करने का आरोप है।

Arun Kumar SinghWed, 27 Oct 2021 09:30 PM (IST)
नेपाल के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस चोलेंद्र शमशेर राणा

काठमांडू, प्रेट्र। नेपाल के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस चोलेंद्र शमशेर राणा के पद से इस्तीफा देने से इन्कार करने के बाद देश में एक न्यायिक संकट पैदा हो गया है। जस्टिस राणा पर एक करीबी रिश्तेदार को शेर बहादुर देउबा सरकार में मंत्री बनाने में मदद करने का आरोप है। ऐसे में नेपाल के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशों के बीच विवाद खुलकर सामने आ गया है।

न्यायाधीशों के एक समूह ने की है इस्तीफे की मांग

सुप्रीम कोर्ट के 15 न्यायाधीशों ने चीफ जस्टिस राणा के इस्तीफे की मांग की है, जबकि कुछ वकीलों ने शीर्ष न्यायालय के बहिष्कार का फैसला किया है। माना जाता है कि 15 जजों में से एक ने कहा कि आपके कुछ फैसलों ने न्यायपालिका को बदनाम किया है और आपको इसके लिए अलग हट जाना चाहिए। इसके जवाब में राणा ने कहा कि उस मामले में, आइए हम सभी न्यायाधीशों के सभी विवादास्पद फैसलों की समीक्षा करें और दूसरों को भी छोड़ दें।

चीफ जस्टिस का इस्तीफे से इन्कार

सुप्रीम कोर्ट के 15 न्यायाधीशों के साथ बैठक के दौरान राणा ने कहा कि वह महज इसलिए इस्तीफा नहीं देंगे कि शीर्ष पद से उनके इस्तीफे के लिए सड़कों पर और मीडिया में आवाज उठ रही है। कोर्ट के प्रवक्ता बाबूराम दहल ने कहा, 'चीफ जस्टिस राणा ने न्यायाधीशों से कहा है कि वह इसके बजाय संवैधानिक कार्यवाही का सामना करेंगे, लेकिन पद से इस्तीफा नहीं देंगे। मैं किसी दबाव में पद नहीं छोड़ूंगा लेकिन जरूरत पड़ने पर कानूनी प्रक्रिया का पालन करूंगा। नेपाल बार एसोसिएशन ने जस्टिस राणा के इस्तीफा नहीं देने पर राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। संवैधानिक प्रविधान के मुताबिक, प्रतिनिधि सभा के 25 फीसद सांसद चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव ला सकते हैं। चीफ जस्टिस को पद से हटाने के लिए सांसदों के दो तिहाई मतों की जरूरत होगी।

केपी शर्मा ओली का आरोप

उधर, नेपाल के पूर्व प्रधान मंत्री केपी शर्मा ओली ने कहा कि चीफ जस्टिस चोलेंद्र शमशेर राणा सहित सभी पांच न्यायाधीश, जो संवैधानिक पीठ में थे, जिन्होंने प्रतिनिधि सभा को खारिज करने के अपने फैसले को उलट दिया था। उनका फैसला राजनीति से प्रेरित था और उन्हें पद छोड़ देना चाहिए।

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