India and Israel: भारत के साथ बेहतर रणनीतिक रिश्ता बनाएगा इजरायल, PM बनने के अगले ही दिन बेनेट का एलान

इजरायल के नए प्रधानमंत्री नाफ्ताली बेनेट ने भारत के साथ गर्मजोशी भरा रिश्ता बरकरार रखने की इच्छा जताई है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेनेट को प्रधानमंत्री बनने के लिए बधाई दी है और उम्मीद जताई है कि दोनों देशों के संबंध सहयोग की नई ऊंचाइयों को छुएंगे।

Ramesh MishraMon, 14 Jun 2021 09:03 PM (IST)
भारत के साथ उन्नत रणनीतिक रिश्ता बनाएगा इजरायल के नए प्रधानमंत्री नाफ्ताली बेनेट। एजेंसी।

यरुशलम, एजेंसी। इजरायल के नए प्रधानमंत्री नाफ्ताली बेनेट ने भारत के साथ गर्मजोशी भरा रिश्ता बरकरार रखने की इच्छा जताई है। उन्‍होंने कहा है कि उनकी सरकार भारत के साथ उन्नत रणनीतिक संबंध स्थापित करने के लिए कार्य करेगी। सरकार में बेनेट के नजदीकी सहयोगी और विदेश मंत्री याइर लैपिड ने भी भारत के साथ बेहतर संबंधों पर जोर दिया है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेनेट को प्रधानमंत्री बनने के लिए बधाई दी है और उम्मीद जताई है कि दोनों देशों के संबंध सहयोग की नई ऊंचाइयों को छुएंगे।

इजरायली विदेश मंत्री ने नए रणनीतिक संबंधों की बात कही

इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर के बधाई संदेश के जवाब में उनके इजरायली समकक्ष लैपिड ने नए रणनीतिक संबंधों की बात कही और जयशंकर को निकट भविष्य में इजरायल की यात्रा का न्योता दिया। उल्लेखनीय है कि लैपिड येश आतिद पार्टी के प्रमुख हैं और गठबंधन में हुए समझौते के तहत सितंबर 2023 में उन्हें प्रधानमंत्री बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा है कि दोनों देशों के कूटनीतिक संबंध स्थापित होने के 30 साल पूरे होने के मौके पर अगले साल वह दोनों के बीच मजबूत रणनीतिक संबंध स्थापित होने की उम्मीद रखते हैं।

मोदी ने दोनों देशों के संबंधों को मजबूत बनाने को नेतन्याहू का थैंक्‍स कहा

मोदी ने प्रधानमंत्री के तौर पर दोनों देशों के संबंधों को मजबूत बनाने के लिए बेंजामिन नेतन्याहू का भी आभार जताया। कहा कि भारत के साथ प्रगाढ़ संबंध बनाने के लिए नेतन्याहू ने व्यक्तिगत तौर पर भी रुचि ली थी। नेतन्याहू 12 वर्ष तक इजरायल के प्रधानमंत्री रहने के बाद रविवार को पद से हटे हैं। उनके और मोदी के नजदीकी रिश्ते कई बार चर्चा में रहे हैं। जुलाई 2017 में मोदी जब पहली बार इजरायल गए थे तो उनका भव्य स्वागत दुनिया के मीडिया की सुर्खी बना था।

राष्ट्रवादियों के यरुशलम मार्च को लेकर तनाव

पद संभालते ही बेनेट के सामने राष्ट्रवादी यहूदियों के यरुशलम के पुराने हिस्से में प्रस्तावित मार्च को लेकर चुनौती खड़ी गई है। यरुशलम के जिस हिस्से से मार्च निकलना है, वहां की बहुसंख्य आबादी मुस्लिम है और वह मार्च वाले दिन को गम का दिन मानती है।

नेतन्याहू के पूर्व सहयोगी बेनेट भी दक्षिणपंथी नेता

यामीना पार्टी के नेता बेनेट (49) को स्पष्ट विचारों वाला दक्षिणपंथी नेता माना जाता है। नई तकनीक पसंद करने वाले बेनेट अपने बुद्धि कौशल से अरबपति बने हैं। एक समय वह नेतन्याहू के सहयोगी के तौर पर उनके मंत्रिमंडल में रक्षा मंत्री रहे हैं। बाद में उन्होंने यामीना पार्टी बनाई और नेतन्याहू की सत्ता के खिलाफ चुनाव लड़े। संसद में उनकी पार्टी के छह सांसद हैं।

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