महातिर के विवादास्‍पद बयान पर फ्रांस ने ट्विटर अकाउंट को सस्‍पेंड करने के लिए कहा, एर्दोगन के कार्टून से तुर्की में बवाल

मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महातिर मुहम्मद की फाइल फोटो।
Publish Date:Thu, 29 Oct 2020 11:54 PM (IST) Author: Arun Kumar Singh

 पेरिस, एएनआइ। फ्रांस के डिजिटल क्षेत्र के लिए राज्य सचिव सेड्रिक ओ ने कहा कि मैंने अभी अभी ट्विटर के फ्रांस के प्रबंध निदेशक से बात की है। मलेशिया के पूर्व पीएम महाति‍र मोहम्मद का खाता तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए। यदि नहीं, तो ट्विटर हत्या के लिए औपचारिक कॉल के लिए एक सहयोगी होगा। उधर, फ्रांस की साप्ताहिक पत्रिका शार्ली आब्दो में तुर्की के राष्ट्रपति रिसेप तैयप एर्दोगन बुरी तरह भड़क गए हैं। तुर्की के कई नेताओं ने भी इस कार्टून के लिए फ्रांस की आलोचना की है। 

मुस्लिमों को नाराज होने और लाखों फ्रांसीसियों को मारने का हक : महातिर

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों द्वारा इस्लामी कट्टरता की आलोचना किए जाने के बाद मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महातिर मुहम्मद ने गुरुवार को जमकर जहर उगला। पिछले दिनों फ्रांसीसी शिक्षक की हत्या को सही ठहराते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व के नरसंहारों के लिए मुस्लिमों को नाराज होने और लाखों फ्रांसीसी लोगों की हत्या करने का हक है।

अपने निजी ट्विटर हैंडल से एक के बाद एक 13 ट्वीट करके महातिर ने कहा, 'मोटे तौर पर मुस्लिमों ने आंख के बदले आंख का कानून लागू नहीं किया है। मुस्लिम ऐसा नहीं करते। फ्रांसीसियों को भी नहीं करना चाहिए। इसके बजाय फ्रांस को अपने लोगों को अन्य लोगों की भावनाओं की कद्र करना सिखाना चाहिए। चूंकि एक नाराज व्यक्ति द्वारा किए गए कृत्य के लिए आपने सभी मुस्लिमों और मुस्लिम धर्म को जिम्मेदार ठहरा दिया इसलिए मुस्लिमों को फ्रांसीसियों को सजा देने का पूरा हक है।'

मैक्रों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, 'मैक्रों यह कतई नहीं दिखा रहे कि वह सभ्य हैं। स्कूली शिक्षक की हत्या के लिए इस्लाम धर्म और मुस्लिमों को जिम्मेदार ठहराने में वह काफी असभ्य हैं। यह इस्लाम की शिक्षाओं के अनुरूप नहीं है, लेकिन नाराज लोग धर्म की परवाह किए बिना लोगों को मार डालते हैं।

शार्ली आब्दो में एर्दोगन के कार्टून से तुर्की में बवाल

अंकारा, एपी। फ्रांस की साप्ताहिक पत्रिका शार्ली आब्दो में तुर्की के राष्ट्रपति रिसेप तैयप एर्दोगन बुरी तरह भड़क गए हैं। तुर्की के कई नेताओं ने भी इस कार्टून के लिए फ्रांस की आलोचना की है। स्थानीय लोग भी इस कार्टून से बहुत नाराज है। इंटरनेट मीडिया पर लोग अपनी नाराजगी जता रहे हैं। आशंका है कि इस तरह के कार्टून से दोनों देशों के संबंधों में तनाव और बढ़ सकता है। इस कार्टून में एर्दोगन को एक महिला का बुर्का उतारते दिखाया गया है। एर्दोगन के प्रवक्ता इब्राहिम कलीन ने ट्विटर पर लिखा कि फ्रांस की जिस पत्रिका को हमारे धर्म और मूल्यों की परवाह नहीं है, उसमें हमारे राष्ट्रपति का आपत्तिजनक कार्टून छापे जाने की हम कड़ी निंदा करते हैं। उल्लेखनीय है एर्दोगन ही इस समय मुस्लिम देशों में फ्रांस के खिलाफ माहौल बनाने में सबसे ज्यादा सक्रिय हैं।

 

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