इथियोपिया में बढ़ा बवाल, सेनाओं को टिग्रे कूंच के आदेश, पांच लाख निवासियों को घरों में ही रहने की हिदायत

इथियोपिया में बड़ी अशांति का खतरा मंडराने लगा है।

इथियोपिया में बड़ी अशांति का खतरा मंडराने लगा है। सेनाओं को अशांत टिग्रे प्रांत की राजधानी मेकेले की ओर बढ़ने का आदेश दे दिया है। सरकार ने मेकेले में रहने वाले करीब पांच लाख लोगों को हिदायत दी है कि वे घरों में ही रहें...

Publish Date:Thu, 26 Nov 2020 08:29 PM (IST) Author: Krishna Bihari Singh

नैरोबी, एपी। इथियोपिया में बड़ी अशांति का खतरा मंडराने लगा है। इथियोपियाई प्रधानमंत्री ने सेनाओं को अशांत टिग्रे प्रांत की राजधानी मेकेले की ओर बढ़ने का आदेश दे दिया है। प्रधानमंत्री का कहना है कि टिग्रे नेताओं को आत्मसमर्पण करने के लिए दी गई 72 घंटे की मियाद खत्‍म हो गई है जिससे अब सेना का ही विकल्‍प शेष है। इसके साथ ही सरकार ने मेकेले में रहने वाले करीब पांच लाख लोगों को हिदायत दी है कि वे घरों में ही रहें।

बता दें कि बीते चार नवंबर को इथियोपियाई सेना और टिग्रे पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट के लड़ाकों के बीच लड़ाई छिड़ गई थी। एक वक्‍त ऐसा था जब टिग्रे पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट इथियोपिया की सरकार में हावी था लेकिन प्रधानमंत्री अबी अहमद के शासन में उसे हासिए पर धकेल दिया गया था। अब दोनों ही सरकारें एक-दूसरे को अवैध बता रही हैं। संयुक्त राष्ट्र की मानें तो टिग्रे में करीब 60 लाख की आबादी नाकेबंदी की मार झेल रही है। यहां जरूरी सामानों की भारी किल्‍लत हो गई है।

वहीं प्रधानमंत्री अबी अहमद का दावा है कि तीन हफ्ते की लड़ाई के बाद सैन्य कार्रवाई अपने अंतिम दौर में है। अब सेना टैंक एवं दूसरे हथियारों के साथ मेकेले की ओर बढ़ सकती है। यही नहीं मेकेले के लोगों को यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि वे टिग्रे नेताओं से दूरी नहीं बनाते हैं तो उनके साथ भी विरोधियों जैसा बर्ताव किया जाएगा। वहीं विभिन्न अधिकार समूहों का कहना है कि ताजा घटनाक्रम नागरिकों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

यही नहीं प्रधानमंत्री अबी अहमद का दावा है कि बुधवार शाम तक 72 घंटे में हजारों टिग्रे लड़ाकों ने आत्मसमर्पण किया है। वहीं संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि लोग शहर छोड़ रहे हैं। यही नहीं संचार और परिवहन संपर्क टूटे हुए हैं। ऐसे में मेकेले के लोगों को चेतावनी मिलने पर भी संदेह है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय सैनिकों की वापसी और मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए अनुरोध कर रहा है। वहीं पिछले साल के नोबेल शांति पुरस्कार विजेता अबी ने अंतरराष्ट्रीय अपीलें खारिज कर दी है।  

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