Israli Oil Tanker Hit by Drone Strike: अरब सागर में इजरायल के तेल टैंकर पर ड्रोन हमला, अमेरिकी नौसेना ने की पुष्टि

अरब सागर में इजरायल के तेल टैंकर पर हुए घातक हमले को लेकर अमेरिकी नौसेना ने बताया कि ड्रोन से जहाज को निशाना बनाया गया था। अमेरिकी नौसेना के कहा कि अरब सागर में ओमान तट के पास तेल के टैंकर पर ड्रोन हमला किया गया है।

Ramesh MishraSat, 31 Jul 2021 06:14 PM (IST)
अरब सागर में इजरायल के तेल टैंकर पर ड्रोन हमला। फाइल फोटो।

यरूशलम, एजेंसी। अरब सागर में इजरायल के तेल टैंकर पर हुए घातक हमले को लेकर अमेरिकी नौसेना ने बताया कि ड्रोन से जहाज को निशाना बनाया गया था। अमेरिकी नौसेना के कहा कि अरब सागर में ओमान तट के पास तेल के टैंकर पर ड्रोन हमला किया गया है। इससे उसमें सवार दो लोगों की मौत हो गई। यह जानकारी अमेरिकी सेना ने शनिवार को दी है। तेल टैंकर मर्सर स्ट्रीट पर गुरुवार रात को हुआ हमला ईरान के साथ उसका परमाणु समझौते टूटने को लेकर उत्पन्न तनाव के चलते क्षेत्र में व्यावसायिक नौवहन पर कई वर्षों बाद पहला घातक हमला है।

ईरान ने प्रत्यक्ष रूप से इस हमले की जिम्‍मेदारी नहीं ली

हालांकि, इस हमले की जिम्मेदारी अभी किसी ने नहीं ली है, लेकिन इजरायली अधिकारियों ने ईरान पर ड्रोन हमला करने का आरोप लगाया है। उधर, ईरान ने प्रत्यक्ष रूप से इस हमले की जिम्‍मेदारी नहीं स्वीकार किया है। खास बात यह है क‍ि यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब तेहरान पश्चिम के साथ और भी सख्त रुख अपनाने की ओर अग्रसर है। इतना ही नहीं ईरान के राष्ट्रपति के रूप में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के प्रति कट्टर समर्थन जताता दिख रहा है।

हमले में चालक दल के दो लोगों की मौत

अमेरिकी नौसेना के पश्चिम एशिया स्थित फिफ्थ फ्लीट ने शनिवार को अपने एक बयान में कहा कि परमाणु शक्ति चालित अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस रोनाल्ड रीगन और निर्देशित मिसाइल विध्वंसक यूएसएस मित्सचर अब मर्सर स्ट्रीट के सुरक्षित बंदरगाह पर पहुंचने तक उसका मार्गरक्षण कर रहे हैं। इससे एक दिन पहले ही तेल टैंकर का प्रबंधन करने वाली कंपनी ने बताया था कि हमले में चालक दल के दो लोगों की मौत हुई है, जो ब्रिटेन और रोमानिया के निवासी थे। 

हमले की जांच में सहयोग देने के लिए तैयार अमेरिका

फिफ्थ फ्लीट ने कहा कि अमेरिकी नौसेना के विस्फोटक विशेषज्ञ अब पोत पर हैं। उन्‍होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए चालक दल के सदस्यों को कोई अतिरिक्त खतरा ना हो और हमले की जांच में सहयोग देने के लिए तैयार हैं। उन्‍होंने कहा कि शुरुआती संकेतों से साफ लगता है कि यह ड्रोन से किया गया हमला है। इस समय ईरान और इजरायल के बीच छद्म युद्ध हो रहा है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वर्ष 2018 में एकपक्षीय तरीके से समझौते से हट गए थे। इसके बाद से क्षेत्र में जहाजों पर कई हमले हुए हैं और इनका संदेह ईरान पर ही जाता रहा है।

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