top menutop menutop menu

पाक में सरकार को दरकिनार कर प्रशासन पर कब्जा कर रहा चीन, इमरान ने टेके घुटने

पाक में सरकार को दरकिनार कर प्रशासन पर कब्जा कर रहा चीन, इमरान ने टेके घुटने
Publish Date:Mon, 03 Aug 2020 07:42 PM (IST) Author: Bhupendra Singh

हांगकांग, एएनआइ। वन बेल्ट-वन रोड (ओबीओआर) अभियान से पाकिस्तान को जोड़ने और उसे कर्ज से लाद देने के बाद चीन अब उसके प्रशासनिक ढांचे पर कब्जा करने की राह पर है। इसके संविधान के दायरे में चलने वाली सरकार और चुने हुए जनप्रतिनिधियों को किनारे लगाते हुए बिना जवाबदेही वाली संस्थाएं खड़ी की जा रही हैं और उनमें चीन परस्त अधिकारी नियुक्त किए जा रहे हैं।

योजना मंत्रालय से इतर सीपीईसीए का गठन, चीन परस्त अधिकारी की नियुक्ति

ऐसी ही एक संस्था चाइना-पाकिस्तान इकोनोमिक कॉरीडोर अथॉरिटी (सीपीईसीए) है। योजना मंत्रालय को दरकिनार कर इस अथॉरिटी का गठन किया गया है और इसका मुखिया पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल असीम बाजवा को बनाया गया है।

आर्थिक हालात डांवाडोल के चलते प्रधानमंत्री इमरान ने चीन के सामने टेके घुटने

योजना मंत्रालय को दरकिनार कर इस अथॉरिटी के गठन का प्रस्ताव चीन की तरफ से नवाज शरीफ सरकार के सामने भी रखा गया था, लेकिन प्रधानमंत्री शरीफ उसके लिए तैयार नहीं हुए।  जब पाकिस्तान के आर्थिक हालात डांवाडोल हो गए और मौजूदा प्रधानमंत्री इमरान खान के सामने घुटने टेकने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा, तभी पाकिस्तान में ओबीओआर के तहत चल रही विकास योजनाओं को समय से पूरा कर लागत कम करने का पासा चीन ने फेंका।

इमरान के पास सीपीईसीए के गठन को स्वीकृति देने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा

इस बार इमरान के पास सीपीईसीए के गठन को स्वीकृति देने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। संसद में इस बाबत विशेष अध्यादेश पारित करा अक्टूबर 2019 में पाकिस्तान के प्रति बिना किसी जवाबदेही वाली संस्था का गठन कर दिया गया। नवंबर में इसका मुखिया जनरल बाजवा को बना दिया गया।

सीपीईसीए को लेकर विपक्षी दल कर रहे हैं विरोध

सीपीईसीए के काम करने के तरीके को देख अब विपक्षी दल पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी हो-हल्ला कर रहे हैं। लेकिन संस्था और सरकार उनकी बातों को कान नहीं दे रही।

सीपीईसीए की पाक के प्रति जवाबदेही नहीं, केवल चीन की बनाई गाइडलाइन का पालन करेगी

सीपीईसीए अध्यादेश पारित होने से बने कानून के मुताबिक बिना किसी जवाबदेही के काम कर रही है। वह केवल चीन की बनाई गाइडलाइन का पालन कर रही है और परियोजनाओं को पूरा करने के लिए समय और लागत को कम कर रही है।

चीन पाकिस्तान पर दबाव डालकर बना रहा सत्ता पर पकड़

हांगकांग के अखबार एशिया टाइम्स के अनुसार चीन खुद से जुड़ी कई परियोजनाओं के लिए ऐसी ही संस्थाएं खड़ी कराने के लिए पाकिस्तान पर दबाव डाल रहा है, जिससे चुने गए जनप्रतिनिधियों से इतर सत्ता पर उसकी पकड़ बने और वह अपने हिसाब से पाकिस्तान में कार्य करा सके।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.