अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी का फेसबुक हुआ हैक, तालिबान सरकार की मान्यता को लेकर हुआ पोस्ट

अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे करने से ठीक पहले देश छोड़ने वाले पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी का फेसबुक हैक हो गया है। खुद उन्होंने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि उनका आधिकारिक फेसबुक अकाउंट हैक हो गया। पढ़ें पूरी खबर।

Pooja SinghMon, 27 Sep 2021 03:47 PM (IST)
अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी का फेसबुक हुआ हैक

अबू धाबी, एएनआइ। अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे करने से ठीक पहले देश छोड़ने वाले पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी का फेसबुक हैक हो गया है। खुद उन्होंने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि उनका आधिकारिक फेसबुक अकाउंट हैक हो गया। साथ ही कहा कि हैक होने के बाद फेसबुक पर लिखी पोस्‍ट को वह खारिज करते हैं। उधर, हैकरों ने पोस्‍ट लिखकर कहा है कि दुनियाभर के देश तालिबान की सरकार को मान्‍यता दें।

अशरफ गनी ने ट्वीट कर कहा,' मेरे आधिकारिक फेसबुक पेज को कल से हैक कर लिया गया है और जब तक यह पेज दोबारा मेरे नियंत्रण में नहीं आ जाता है, उस पर लिखी गई कोई भी पोस्‍ट वैधानिक नहीं है।' वहीं अज्ञात हैकरों ने अशरफ गनी के फेसबुक प्रोफाइल पेज से पोस्‍ट लिखकर अंत‍रराष्‍ट्रीय समुदाय से मांग करते हुए कहा वह तालिबान सरकार को मान्‍यता दें। बता दें कि अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी तालिबान के काबुल पर कब्‍जे से ठीक पहले यूएई फरार हो गए थे।

अशरफ गनी पर अफगानिस्‍तान के सरकारी खजाने से धन लेकर फरार होने का आरोप लगा था। इसके बाद अशरफ गनी ने इन आरोपों अपनी सफाई भी दी थी। साथ ही कहा था कि काबुल को तालिबान ने घेर लिया था और वह रक्‍तपात को रोकने के लिए देश छोड़कर गए। अशरफ गनी ने कहा था कि उन्‍हें काबुल को इतना जल्‍दी छोड़ना पड़ा कि वह अपने सैंडल को उतारकर जूते तक नहीं पहन सके।

उधर, आज इटली ने अफगानिस्तान को मान्यता देने को लेकर इनकार कर दिया है। इटली के विदेश मंत्री ने कहा कि कम से कम 17 आतंकियों को तालिबान प्रशासन ने मंत्री बनाया है। ऐसे में इटली, तालिबान को समझने में असमर्थ है। वहीं अफगानिस्तान के उप सूचना और संस्कृति मंत्री और तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने दावा किया है कि दुनिया जल्द ही तालिबान को मान्यता देगी। उन्होंने कहा कि कई देशों के प्रतिनिधियों ने अफगानिस्तान का दौरा किया है और उन्होंने संयुक्त राष्ट्र को मान्यता के लिए पत्र भी भेजा है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.