छात्राओं के समर्थन में गुस्‍साए अफगानी छात्रों ने भी बंद किया स्कूल जाना

तालिबान ने कक्षाओं में लड़कियों की उपस्थिति को लेकर अब तक कोई फैसला नहीं किया है। इससे गुस्साए बड़ी संख्या में अफगानी छात्रों ने छात्राओं के साथ एकजुटता दिखाते हुए स्कूल जाना बंद कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बड़ी संख्या में अफगानी लड़के घर बैठ गए हैं।

Arun Kumar SinghSun, 19 Sep 2021 10:24 PM (IST)
अफगानी छात्रों ने छात्राओं के साथ एकजुटता दिखाते हुए स्कूल जाना बंद कर दिया है।

 नई दिल्ली, जेएनएन। अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान भले ही बंदूक के बल पर लोगों को चुप कराने की कोशिश कर रहा हो, लेकिन वहां विरोध के स्वर लगातार बुलंद हो रहे हैं। तालिबान ने कक्षाओं में लड़कियों की उपस्थिति को लेकर अब तक कोई फैसला नहीं किया है। इससे गुस्साए बड़ी संख्या में अफगानी छात्रों ने छात्राओं के साथ एकजुटता दिखाते हुए स्कूल जाना बंद कर दिया है।

अफगानी लड़के घर बैठ गए

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बड़ी संख्या में अफगानी लड़के घर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि वे तब तक स्कूल नहीं जाएंगे, जब तक लड़कियों को आने की इजाजत नहीं दी जाती। सीनियर सेकेंडरी स्कूल के एक छात्र ने कहा कि महिलाएं आधे समाज का प्रतिनिधित्व करती हैं। इसलिए, वह तब तक स्कूल नहीं जाएगा, जब तक छात्राओं को उनका अधिकार नहीं मिल जाता। शिक्षक भी लड़कियों की शिक्षा को समाज की बेहतरी के लिए आवश्यक बताते हैं।

उल्लेखनीय है कि तालिबान सरकार ने छात्रों व पुरुष शिक्षकों के साथ हाई स्कूल खोलने की इजाजत दी है। इस आदेश में छात्राओं व शिक्षिकाओं का जिक्र ही नहीं है। तालिबान ने 12 साल से अधिक उम्र की लड़कियों को स्कूल जाने से रोक दिया गया है, वहीं महिलाओं को घर पर रहने के लिए कहा गया है। संयुक्‍त राष्‍ट्र ने इस बारे में चिंता व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि यह उन आश्वासनों के विपरीत है कि तालिबान महिलाओं के अधिकारों को बनाए रखेगा, जबकि छात्राओं के स्‍कूल जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

उधर, काबुल के कार्यवाहक मेयर हमदुल्ला नामोनी ने फरमान जारी किया है कि जो भी महिलाएं शहर के विभागों में काम कर रही थीं, वह घर में ही रहें। उन्हें काम पर लौटने की जरूरत नहीं है। काबुल में नगर पालिका में तीन हजार कर्मचारी काम कर रहे थे, इनमें से एक तिहाई महिलाएं थीं। अब इन महिलाओं को काम से मुक्त कर दिया गया है। कार्यवाहक मेयर ने कहा कि महिलाएं केवल उन्हीं स्थानों पर काम कर सकती हैं, जिस काम को पुरुष नहीं कर सकते हैं। इनमें महिलाओं के लिए सार्वजनिक सुविधाओं में कर्मचारियों को ही काम करने की इजाजत होगी।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.