top menutop menutop menu

नेपाल में गैस लीक से आठ भारतीय पर्यटकों की मौत, मृतकों में चार नाबालिग

काठमांडू, प्रेट्र। नेपाल घूमने गए केरल के 15 पर्यटकों में से आठ मंगलवार सुबह एक होटल में बेहोश मिले। उन्हें एयरलिफ्ट कर राजधानी काठमांडू स्थित एचएएमएस अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रूम हीटर से गैस लीक होने को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है। मृतकों में चार नाबालिग हैं। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने पीडि़त परिजनों को सभी प्रकार की सहायता का आश्वासन दिया है। हादसे का शिकार हुआ भारतीय पर्यटकों का दल नेपाल के लोकप्रिय पर्वतीय स्थल पोखरा घूमने गया था।

अपनी यात्रा पूरी कर यह दल घर लौट रहा था। इसी दौरान सोमवार शाम को सभी लोग मकवानपुर जिले के दमन इलाके में स्थित एवरेस्ट पैनोरमा रिजॉर्ट में रुके थे। रिजॉर्ट मैनेजर के मुताबिक उन लोगों ने चार कमरे बुक कराए थे। आठ लोग एक ही कमरे में रुके थे जबकि बाकी अन्य दूसरे कमरों में ठहरे थे। सर्दी के कारण उन लोगों ने रूम हीटर चलाने के साथ ही खिड़की और दरवाजे अंदर से बंद कर लिए थे।

केरल के सीएम ने जताया दुख

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने इस हादसे पर दुख जताया है। उनके कार्यालय ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर शवों को केरल लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पोखरा से कल रात रिजॉर्ट पहुंचे थे पर्यटक

द हिमालयन टाइम्स के अनुसार मैनेजर ने बताया कि ये पर्यटक पोखरा से कल रात लगभग 9:30 बजे रिजॉर्ट में पहुंचे थे। यहां वे एक कमरे में रुके थे और कमरे को गर्म करने के लिए गैस हीटर चालू किया। हालांकि, उन्होंने कुल चार कमरे बुक किए थे, उनमें से आठ एक कमरे में रुके थे और बाकी अन्य लोग कमरे में। 

हेलीकॉप्टर से काठमांडू के एचएएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया

रिजॉर्ट के मैनेजर ने आगे बताया कि उनके साथ ठहरे अन्य लोग कमरे में पहुंचे तो उन्होंने इस आठ लोगों को बेहोश पाया। इसके बाद पुलिस को उनके बेहोश होने की सूचना दी गई। पुलिस ने बताया कि कैलाश हेलिकॉप्टर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित एक हेलीकॉप्टर से बेहोश पर्यटकों को दो शिफ्टों में काठमांडू के एचएएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। 

घातक है कार्बन मोनो-ऑक्साइड गैस

ठंड से बचने के लिए लोग अक्सर घर के सारे खिड़की-दरवाजे बंद कर रूम हीटर जला लेते हैं। यहीं से सारी मुसीबत की शुरुआत होती है। इसकी वजह है कार्बन मोनो-ऑक्साइड गैस, जो आमतौर पर सही ढंग से नहीं जल पा रहे स्टोव, हीटिंग सिस्टम और सिगरेट के धुएं में पाई जाती है। यह रंगहीन और गंधहीन गैस कार्बन डाईऑक्साइड से भी ज्यादा खतरनाक है। देर तक इसके संपर्क में रहने से दम घुट सकता है और मौत भी हो सकती है।

1952 से 2020 तक इन राज्यों के विधानसभा चुनाव की हर जानकारी के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.