अफगानियों की हत्या से यूरोपीय संघ, अमेरिका समेत 22 देश नाराज, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की उठी मांग

जर्मनी के विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी संयुक्त बयान के अनुसार हम बलपूर्वक कहना चाहते हैं कि कथित कार्रवाई मानवाधिकार का घोर उल्लंघन और तालिबान द्वारा किए गए सजामाफी के वादे के खिलाफ है। ऐसे मामलों की पारदर्शी तरीके से जांच की जानी चाहिए।

Dhyanendra Singh ChauhanPublish:Sun, 05 Dec 2021 09:36 PM (IST) Updated:Sun, 05 Dec 2021 10:01 PM (IST)
अफगानियों की हत्या से यूरोपीय संघ, अमेरिका समेत 22 देश नाराज, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की उठी मांग
अफगानियों की हत्या से यूरोपीय संघ, अमेरिका समेत 22 देश नाराज, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की उठी मांग

बर्लिन, रायटर। यूरोपीय संघ, अमेरिका व उनके 21 साझेदार देशों ने तालिबान के सत्ता में आने के बाद अफगान सुरक्षा बल के सदस्यों के खिलाफ बदले की कार्रवाई किए जाने पर नाराजगी जताई है। पश्चिमी देशों की तरफ से जारी संयुक्त बयान में 30 नवंबर की ह्यूमन राइट वाच की रिपोर्ट का हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि तालिबान शासन में अफगानिस्तान के 100 से ज्यादा पूर्व पुलिस कर्मियों व खुफिया अधिकारियों की हत्या कर दी गई अथवा उन्हें गायब कर दिया गया। हालांकि, तालिबान ने इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है।

जर्मनी के विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी संयुक्त बयान के अनुसार, 'हम बलपूर्वक कहना चाहते हैं कि कथित कार्रवाई मानवाधिकार का घोर उल्लंघन और तालिबान द्वारा किए गए सजामाफी के वादे के खिलाफ है। ऐसे मामलों की पारदर्शी तरीके से जांच की जानी चाहिए। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे प्रचारित किया जाना चाहिए, ताकि इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो। हम तालिबान का मूल्यांकन उसके कार्यो से करेंगे।' बयान जारी करने वालों में जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, आस्ट्रेलिया, कनाडा, डेनमार्क, फिनलैंड, जापान, नीदरलैंड्स, स्पेन आदि देश शामिल हैं।

अफगानियों ने यूरोप में आश्रय के लिए किया सबसे ज्यादा आवेदन

यूरोपियन अजाइलम सपोर्ट आफिस (ईएएसओ) के अनुसार, अफगानियों ने यूरोप में आश्रय के लिए सबसे ज्यादा आवेदन किया है। अगस्त 2021 में जहां करीब 10 हजार अफगानियों ने आश्रय के लिए आवेदन किया था, वहीं सितंबर में उनकी संख्या 17 हजार हो गई। यह संख्या सीरियावासियों की दोगुनी है।

कार्यवाहक वित्त मंत्री से मिले पाकिस्तानी राजदूत 

टोलो न्यूज के अनुसार, अफगानिस्तान में पाकिस्तान के राजदूत मंसूर अहमद खान ने कार्यवाहक वित्त मंत्री आमिर खान मुत्ताकी से मुलाकात की और द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की। खान ने मुत्ताकी को बताया कि पाकिस्तान ने फैसला किया है कि भारत द्वारा दिए गए गेहूं व दवाओं का परिवहन वाघा सीमा के जरिये किया जा सकता है।

17 प्रांतों में पासपोर्ट सेवा बहाल

अफगानिस्तान के पासपोर्ट विभाग प्रमुख आलम गुल हक्कानी ने शनिवार को बताया कि 17 प्रांतों में पासपोर्ट सेवा बहाल कर दी गई है। अन्य प्रांतों में भी यह सेवा जल्द बहाल की जाएगी।