अफगान मंत्रालय ने लड़ाई में मारे गए, घायल हुए आतंकियों के आंकड़े किए जारी, कहा- ‘अब हिंसा को समाप्त कर देना चाहिए’

अफगान में शांति मामलों के राज्य मंत्रालय ने बाताया है कि अप्रैल से जुलाई के बीच अफगान सुरक्षा बलों के साथ लड़ाई में 24हजार से ज्यादा तालिबान आतंकी मारे गए हैं या फिर गंभीर तौर से घायल हुए हैं। इस दौरान 5777 देश के नागरिक भी मारे गए हैं।

Amit KumarFri, 30 Jul 2021 09:55 PM (IST)
Over 24000 Taliban killed wounded in 4 months Afghan Ministry

काबुल, एजेंसियां: अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी की घोषणा के बाद से ही आतंकी संगठन तालिबान और अफगान सुरक्षा बलों के बीच भारी संघर्ष जारी है। इस दौरान सैकड़ों आतंकी घायल हुए या फिर उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया, लेकिन देश में तनाव की स्थिति लगातार बरकरार है। इस बीच अफगान में शांति मामलों के राज्य मंत्रालय ने पिछले चार महीनों के दौरान घायल हुए और मारे गए तालिबानियों के आंकड़े जारी किए हैं।

हमलों में हजारों की तादाद में हुई जनहानि

मंत्रालय के तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से जुलाई के बीच अफगान सुरक्षा बलों के साथ लड़ाई में 24हजार से ज्यादा तालिबान आतंकी मारे गए हैं या फिर गंभीर तौर से घायल हुए हैं। टोलो न्यूज ने मंत्रालय के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि, चार महीनों के दौरान तालिबान ने देश के अलग-अलग हिस्सों में 22हजार से ज्यादा छोटे-बड़े हमले किए। इसी के परिणामस्वरूप ये आंकड़ा सामने आया है। इस अवधि के दौरान महिलाओं और बच्चों सहित 5,777 देश के नागरिक भी मारे गए हैं।

युद्ध के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ

मंत्रालय के अधिकारी सैयद अब्दुल्ला हाशमी के मुताबिक, देश में हिंसा को बढ़ाने के लिए दूसरे देशों से दस हजार से ज्यादा आतंकियों की आमद का भी पता चला है। साथ ही ये भी सामने आया है कि, अफगानिस्तान में युद्ध के पीछे विदेशी ताकतों का भी हाथ है। मामलें में उच्च राष्ट्रीय सुलह परिषद (एचसीएनआर) के उप प्रमुख अताउल्लाह सलीम का कहना है कि, अफगानिस्तान में मौजूदा युद्ध की कोई धार्मिक वैधता नहीं है, अब तालिबान को देश में हिंसा को समाप्त कर देना चाहिए।

सभी मुद्दों पर होनी चाहिए व्यापक चर्चा

सलीम ने तालिबानी कैदियों का जिक्र करते हुए कहा, हम कैदियों के मुद्दे और संविधान पर बहस सहित ब्लैक लिस्ट से नामों को हटाने सहित सभी मुद्दों पर चर्चा का समर्थन करते हैं। लेकिन अभी तक तालिबान ने यह घोषणा नहीं की है कि, वे अगले दौर की बातचीत के लिए कब तैयार हैं। हमारे संपर्क समूहों और तालिबान आंदोलन के बीच चर्चा जारी है। गौरतलब है कि, पिछले कुछ हफ्तों में अफगानिस्तान में हिंसा में वृद्धि देखी गई है। क्योंकि तालिबान ने नागरिकों और अफगान सुरक्षा बलों के खिलाफ अपने हमले को तेज कर दिए है।

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