चीन और तालिबान के बीच दोहा में बैठक, महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने का आग्रह

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने तालिबान के उप प्रधानमंत्री से अपने पड़ोसी देशों के प्रति मैत्रीपूर्ण नीति अपनाने और लोगों की इच्छाओं के साथ-साथ समय के अनुरूप एक आधुनिक देश का निर्माण करने का भी आग्रह किया।

Manish PandeyTue, 26 Oct 2021 08:55 AM (IST)
चीन को उम्मीद है कि तालिबान सभी जातीय समूहों को एकजुट करेगा

दोहा, एएनआइ। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने सोमवार को दोहा की कतरी राजधानी में तालिबान के उप प्रधानमंत्री मुल्ला अब्दुल गनी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने तालिबान से अपने पड़ोसी देशों के प्रति एक दोस्ताना नीति अपनाने का आग्रह किया। इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने की उम्मीद जताई। बैठक में बरादर ने वांग को अफगानिस्तान में मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश में लगातार सुधार हो रहा है और सरकारी फरमानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक के दौरान वांग ने कहा कि अफगानिस्तान को वर्तमान में देश का पुनर्निर्माण करने का ऐतिहासिक अवसर मिला है। इसके साथ ही अफगानिस्तान मानवीय संकट, आर्थिक अराजकता, आतंकवाद के खतरे और शासन संबंधी कठिनाइयों समेत कई चुनौतियों का एक साथ सामना कर रहा है। इन चुनौतियों पर काबू पाने के लिए अफगानिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से और अधिक समर्थन की आवश्यकता है।

वांग ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि तालिबान आने वाले दिनों में सहिष्णुता का प्रदर्शन करेगा, देश के शांतिपूर्ण पुनर्निर्माण के लिए अफगानिस्तान में सभी जातीय समूहों और गुटों को एकजुट करेगा और महिलाओं और बच्चों के अधिकारों और हितों की प्रभावी ढंग से रक्षा करेगा।

चीनी अधिकारी ने तालिबान से अपने पड़ोसी देशों के प्रति मैत्रीपूर्ण नीति अपनाने और लोगों की इच्छाओं के साथ-साथ समय की प्रवृत्ति के अनुरूप एक आधुनिक देश का निर्माण करने का भी आग्रह किया। वांग ने कहा कि चीन हमेशा अफगानिस्तान की संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करता है और स्वतंत्र रूप से अपने भाग्य का निर्धारण करने और विकास का रास्ता चुनने के लिए अफगान लोगों का समर्थन करता है।

वांग ने जोर देकर कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा सूचीबद्ध एक अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट (इटीआइएम) न केवल चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता के लिए एक वास्तविक खतरा है, बल्कि अफगानिस्तान में घरेलू स्थिरता और दीर्घकालिक स्थिरता को भी खतरे में डालता है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद और विश्वास है कि अफगान इटीआइएम और अन्य आतंकवादी संगठनों पर सख्ती से कार्रवाई करने के लिए प्रभावी उपाय करेगा।

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