हथियार नहीं डालेंगे पंजशीर के शेर, सालेह बोले- अफगान नागरिकों के हक के लिए तालिबान से जंग रहेगी जारी

अमरुल्ला सालेह ने कहा कि हमारा प्रतिरोध सभी अफगान नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना है। हाल ही में पंजशीर घाटी के नॉर्दर्न अलांस ने दावा किया है कि उसने हमला करने आए तालिबान के करीब 350 लड़ाकों को मार गिराया है।

TilakrajThu, 02 Sep 2021 09:18 AM (IST)
हमला करने आए तालिबान के करीब 350 लड़ाकों को मार गिराया

पंजशीर, एएनआइ। अफगानिस्‍तान में तालिबान भले ही सत्‍ता पर काबिज हो रहा है, लेकिन पंजशीर उसके आंख की किरकिरी बना हुआ है। पंजशीर में अभी तालिबान आतंकी कदम नहीं रख पाए हैं। अफगानिस्तान के कार्यवाहक राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने कहा है कि वह अफगान नागरिकों के अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे। हाल ही में पंजशीर घाटी के नॉर्दर्न अलांस ने दावा किया है कि उसने हमला करने आए तालिबान के करीब 350 लड़ाकों को मार गिराया है।

अमरुल्ला सालेह ने कहा, 'हमारा प्रतिरोध सभी अफगान नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना है। यह प्रतिरोध पंजशीर में आधारित है। आज, यह घाटी पूरे देश की मेजबानी करती है। ये घाटी उन अफगान लोगों के लिए आशा है, जो उत्पीड़न से बचने की कोशिश कर रहे हैं।'

तालिबान को जवाब देते हुए अमरुल्ला सालेह ने कहा, 'अफगानिस्‍तान में तालिबान को जल्‍द झटका लगेगा। अर्थव्यवस्था का पतन और सुविधाओं की अनुपस्थिति जल्द ही लोगों को पेरशान कर देगी। तालिबान के हथियार और कठोर व्‍यवहार लोगों के विद्रोह और गुस्से के खिलाफ प्रभावी नहीं होगा। केवल समय का इंतजार कीजिए।'

तालिबान इस समय अफगानिस्‍तान को लेकर कई बड़े-बड़े दावे कर रहा है। साथ ही भविष्‍य की कई योजनाओं पर काम कर रहा है। तालिबान ने अन्‍य देशों से भी उसे सहयोग करने की अपील की है। इस पर पलटवार करते हुए अमरुल्ला सालेह ने कहा कि तालिबान ने पिछले कुछ वर्षों में जो हासिल किया उसका मतलब स्थिरता नहीं है। इसके साथ ही अफगानिस्‍तान पर हालिया कब्‍जे के मायने भी आपकी स्थिरता नहीं है। स्थिरता सभी को साथ लेकर चलने की एक सुसंगत प्रणाली है, जिनका तालिबान समूह का दूर-दूर तक कोई वास्‍ता नहीं है।

बता दें कि तालिबान ने पंजशीर घाटी की घेराबंदी तेज कर दी है। तालिबान नेता ने कहा है कि अभी पंजशीर के लोगों से शांति से नियंत्रण सौंपने की अपील की जा रही है। यहां मुजाहिदीन के पूर्व कमांडर के पुत्र अहमद मसूद की अगुवाई में हजारों लड़ाके और सेना के जवान पंजशीर से तालिबान के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। पूर्व अफगान सरकार के उपराष्ट्रपति अमरल्लाह सालेह भी पंजशीर में ही हैं। तालिबान के नेता अमीर खान मोटाकी ने रिकार्डेड बयान जारी करते हुए पंजशीर के लड़ाकों से समर्पण करने की अपील की है। संदेश में कहा गया है कि इस्लामिक अमीरात सभी अफगानों का घर है। तालिबान ने सभी लोगों को आम माफी दे दी है, ऐसी स्थिति में वे भी समर्पण कर दें। मोटाकी ने कहा है कि पंजशीर के नेताओं से वार्ता की कोशिश की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है। एएनआइ के अनुसार तालिबान ने पंजशीर घाटी की इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। सभी आने--जाने वाले रास्तों को भी बंद कर दिया गया है। पंजशीर पर अब निर्णायक लड़ाई शुरू हो गई है।

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