अफगान सुरक्षा बलों ने 24 घंटे में ढेर किए 100 आतंकी, तालिबान के साथ तेज हुआ संघर्ष

अफगानिस्तान में सुरक्षा बलों और तालिबान के बीच संघर्ष तेज हो गया है। अफगान सुरक्षा बलों ने कई प्रांतों में आतंकियों को निशाना बनाया। बीते 24 घंटे में 100 से ज्यादा आतंकियों को ढेर कर दिया और करीब 90 को घायल कर दिया।

Pooja SinghSat, 31 Jul 2021 01:33 AM (IST)
अफगान सुरक्षा बलों ने 24 घंटे में ढेर किए 100 आतंकी, तालिबान के साथ तेज हुआ संघर्ष

काबुल([एजेंसी)]। अफगानिस्तान में सुरक्षा बलों और तालिबान के बीच संघषर्ष तेज हो गया है। अफगान सुरक्षा बलों ने कई प्रांतों में आतंकियों को निशाना बनाया। बीते 24 घंटे में 100 से ज्यादा आतंकियों को ढेर कर दिया और करीब 90 को घायल कर दिया। समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि हेरात प्रांत में सुरक्षा बलों के अभियान में 52 तालिबान आतंकी मारे गए और 47 घायल हो गए।

यह अभियान प्रांतीय राजधानी हेरात सिटी और इसके आस--पास के जिलों में चलाया गया। सुरक्षा बलों के समर्थन में अफगान वायु सेना के ल़़डाकू विमानों ने कई जगहों पर हवाई हमले भी किए। अफगान रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इसके अलावा हेरात के घुरियन जिले में 13 तालिबान आतंकी मारे गए और 22 घायल हो गए। यहां हवाई हमले में आतंकियों के सात वाहनों और ब़़डी मात्रा में गोला-बारूद को भी तबाह कर दिया गया। जबकि हेलमंद प्रांत की

राजधानी लश्कर गाह के बाहरी इलाकों में किए गए हवाई हमले में तालिबान के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया। यहां भी कई आतंकियों के मरने और घायल होने की खबर है। इधर, कंधार प्रांत के झारी जिले में तालिबान आतंकियों के एक जमाव़़डे को निशाना बनाया गया। यहां हवाई हमले में 36 आतंकी के मरने और 20 के घायल होने की खबर है। वहीं स्वीडन में पाकिस्तान दूतावास के सामने शुक्रवार को प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने अफगानिस्तान में चल रहे छद्म युद्ध में पाकिस्तान की संलिप्तता का आरोप लगाया।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, अफगानिस्तान के रहने वालों समेत 50 से 60 लोगों के एक समूह ने स्वीडन में पाकिस्तान दूतावास के सामने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। इन लोगों ने अफगानिस्तान में मचे खून खराबे में पाकिस्तान की संलिप्तता के खिलाफ नारे भी लगाए। ये लोग हाथों में नारे लिखी तख्तियां भी पकड़े हुए थे।

स्वीडिश पुलिस के जवान बाद में प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाकर ले गए। प्रदर्शनकारियों ने अंग्रेजी, स्वीडिश, उर्दू, पश्तो और दारी (फारसी) में संक्षिप्त भाषण भी दिए। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस तालिबान का समर्थन कर रही है।

 

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