अब नाटो ने चीन को बताया गंभीर चुनौती, बाइडन बोले- यूरोप की सुरक्षा अमेरिका की जिम्मेदारी

चीन के इर्द-गिर्द अमेरिका जी-7 और यूरोप का शिकंजा कसता जा रहा है। अमेरिका के नेतृत्व वाले रणनीतिक गठबंधन नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) ने चीन को आक्रामक व्यवहार वाला और गंभीर चुनौती करार दिया है। पढ़ें यह रिपोर्ट...

Krishna Bihari SinghMon, 14 Jun 2021 11:06 PM (IST)
चीन के इर्द-गिर्द अमेरिका, जी-7 और यूरोप का शिकंजा कसता जा रहा है।

ब्रसेल्स, रायटर। चीन के इर्द-गिर्द अमेरिका, जी-7 और यूरोप का शिकंजा कसता जा रहा है। अमेरिका के नेतृत्व वाले रणनीतिक गठबंधन नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) ने चीन को आक्रामक व्यवहार वाला और गंभीर चुनौती करार दिया है। नाटो के मुख्यालय पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूरोप की रक्षा को अमेरिका की पवित्र जिम्मेदारी बताया। कहा, पूरा यूरोप समझ ले कि अमेरिका मौजूद है। उसके रहते यूरोप को कुछ नहीं हो सकता है। नाटो का हमारे लिए बहुत महत्व है।

रूस और चीन भटक चुके हैं रास्‍ता

बाइडन का यह वक्तव्य पूर्ववर्ती डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के उलट है जिन्होंने यूरोप की सुरक्षा से पीछे हट जाने की चेतावनी दी थी। इस मौके पर जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने कहा, बाइडन का आना नए अध्याय की शुरुआत है। बाइडन ने कहा, रूस और चीन उस रास्ते पर नहीं चल रहे जिसकी हमने बीती सदी के आखिरी दशक में कल्पना की थी। दुनिया का मानना था कि दोनों देश उदारवादी लोकतंत्र के रास्ते पर चलेंगे और दुनिया से खतरा कम होगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

अच्‍छा सहयोगी नहीं बन पाया चीन

बाइडन ने कहा कि चीन हमारा अच्छा व्यापार सहयोगी नहीं बन पाया। इसके चलते नाटो के सदस्य देशों ने उसे साजिशों वाला प्रतियोगी करार दिया है। नाटो के महासचिव जेंस स्टॉटेनबर्ग ने कहा, चीन बाल्टिक सागर से लेकर अफ्रीका तक अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है। इसलिए नाटो को सतर्क हो जाना चाहिए। चीन हमारे नजदीक आता जा रहा है। यहां तक कि अंतरिक्ष में भी। हमारे देशों में भी चीन बड़ा निवेश कर अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है।

मिलकर जवाब देने की जरूरत

जेंस स्टॉटेनबर्ग ने कहा कि चीन दूरसंचार और बंदरगाहों के विकास जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में निवेश कर रहा है। हमें सतर्क हो जाने की जरूरत है। हमें मिलकर उसे जवाब देने की जरूरत है। नाटो महासचिव ने यूक्रेन के नजदीक रूसी सैन्य जमावड़े पर भी चिंता जताई। ईयू सम्मिट में आए ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा, बीजिंग के साथ रिश्ता रखने में खतरा और फायदा, दोनों हैं। यह हम सभी को दिमाग में रखना चाहिए।

नाटो में 30 देश शामिल

उल्लेखनीय है कि नाटो में 30 देश शामिल हैं जिनमें लगभग सभी यूरोपीय देश हैं। इससे पहले जी-7 देशों ने शिनजियांग में मानवाधिकारों और हांगकांग में लोकतंत्र की मांग को कुचलने तथा श्रमिकों की बुरी दशा को लेकर चीन को घेरा था। लंदन स्थित चीनी दूतावास ने सोमवार को इस पर विरोध व्यक्त किया। कहा कि अमेरिका और कुछ अन्य देशों का यह गलत आकलन है। चीन का बढ़ता कदम इन देशों को हजम नहीं हो रहा। 

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