ड्रैगन का सबसे लंबा अंतरिक्ष मिशन, 90 दिन अंतरिक्ष स्टेशन में रहने के बाद लौटे चीनी अंतरिक्ष यात्री

तीन चीनी अंतरिक्ष यात्री अपने देश के पहले अंतरिक्ष स्टेशन में 90 दिन बिताने के बाद शुक्रवार को धरती पर लौट आए हैं। यह चीन का अभी तक सबसे लंबा मिशन है। अंतरिक्ष स्टेशन से गुरुवार सुबह रवाना होने के बाद तीनों दोपहर बाद दिन के 1.35 बजे लैंड हुए।

TaniskFri, 17 Sep 2021 06:21 PM (IST)
90 दिन अंतरिक्ष स्टेशन में रहने के बाद लौटे चीनी अंतरिक्ष यात्री। (फोटो- एएफपी)

बीजिंग, एपी। तीन चीनी अंतरिक्ष यात्री अपने देश के पहले अंतरिक्ष स्टेशन में 90 दिन बिताने के बाद शुक्रवार को धरती पर लौट आए हैं। यह चीन का अभी तक सबसे लंबा मिशन है। अंतरिक्ष स्टेशन से गुरुवार सुबह रवाना होने के बाद निए हैशेंग, लिउ बोमिंग और तांग होन्गबो अंतरिक्ष यान शेन्झोउ-12 में स्थानीय समय के अनुसार दोपहर बाद दिन के 1.35 बजे लैंड हुए। प्रसारित किए गए सीसीटीवी में गोबी रेगिस्तान में अंतरिक्ष यान की पैराशूटिंग का फुटेज दिखाया गया। कुछ देर बाद तकनीशियनों के एक दल ने कैप्सूल को खोलने का काम शुरू किया।

कैप्सूल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा था। 17 जून को कमांडर निए और अंतरिक्ष यात्री लिउ एवं तांग दो स्पेस वाक के लिए गए थे। उन्होंने 10 मीटर लंबा मैकेनिकल आर्म लगाया और चीनी राष्ट्रपति और कम्युनिस्ट पार्टी के नेता शी चिनफिंग से वीडियो काल करके बातचीत की। चीन 2003 से 14 अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेज चुका है। उस समय अंतरिक्ष में अपने यात्रियों को भेजने वाला चीन, तत्कालीन सोवियत संघ (रूस) और अमेरिका के बाद तीसरा देश बन गया था। सोवियत संघ और अमेरिका अपने दम पर यह सब कर रहे थे। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से बाहर किए जाने के बाद चीन ने अपना अंतरिक्ष स्टेशन कार्यक्रम तैयार किया।

इससे पहले, शेनझोउ-12 के री-एंट्री कैप्सूल के मुख्य पैराशूट को इनर मंगोलिया स्वायत्त क्षेत्र में सफलतापूर्वक उतारा गया। तीन अंतरिक्ष यात्रियों ने इस साल जून में अंतरिक्ष केंद्र के अनेक भागों का निर्माण करने के तीन महीने के मिशन पर अंतरिक्ष स्टेशन माड्यूल में प्रवेश किया। देश के हाल के मंगल और पिछले चंद्रमा मिशनों के बाद यह अंतरिक्ष चीन के लिए सबसे प्रतिष्ठित और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अंतरिक्ष परियोजना बन गया है। इस अंतरिक्ष स्टेशन के अगले साल तक तैयार होने की उम्मीद है। यह चीन का अब तक का सबसे लंबा मानव अंतरिक्ष मिशन है और लगभग पांच वर्षों में पहला है। एक बार तैयार होने के बाद, स्टेशन को चीन के करीबी सहयोगियों जैसे पाकिस्तान और अन्य अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष सहयोग भागीदारों के लिए खोले जाने की उम्मीद है।

 

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.