छह महीने के मिशन पर अंतरिक्ष केंद्र पहुंचे चीनी यात्री, अंतरिक्ष केंद्र के निर्माण कार्य को पूरा करेगा दल

चीन की एक महिला समेत तीन अंतरिक्ष यात्री शनिवार को छह महीने के मिशन पर शेनझोउ-13 से अंतरिक्ष केंद्र के कोर माड्यूल तियान्हे पहुंच गए। अंतरिक्ष यात्री झाई झिगांग वांग यापिंग व ये ग्वांग्फू इस दौरान तियान्हे का निर्माण कार्य पूरा पूरा करेंगे।

TaniskSat, 16 Oct 2021 05:29 PM (IST)
छह महीने के मिशन पर अंतरिक्ष केंद्र पहुंचे चीनी यात्री। (फोटो-एपी)

बीजिंग, प्रेट्र। चीन की एक महिला समेत तीन अंतरिक्ष यात्री शनिवार को छह महीने के मिशन पर शेनझोउ-13 से अंतरिक्ष केंद्र के कोर माड्यूल तियान्हे पहुंच गए। अंतरिक्ष यात्री झाई झिगांग (55), वांग यापिंग (41) व ये ग्वांग्फू (41) इस दौरान तियान्हे का निर्माण कार्य पूरा पूरा करेंगे। वांग अंतरिक्ष केंद्र जाने वाली चीन की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री हैं। यह चीन के इतिहास में अंतरिक्ष का सबसे लंबा मानव मिशन है, जिसे क्रू कमांडर झई ने अंतरिक्ष यात्रियों के लिए चुनौती बताया है।

चाइना मैन्ड स्पेस एजेंसी (सीएमएसए) ने बताया कि अंतरिक्ष यान को लांग मार्च-2एफ राकेट से शुक्रवार की देर रात रवाना किया गया। वह करीब 6.5 घंटे बाद शनिवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 6.56 बजे तियान्हे पहुंच गया। एजेंसी ने एक अन्य अंतरिक्ष यान को भी तैयार रखा, ताकि जरूरत के अनुरूप उसे जल्द से जल्द लांच किया जा सके। अंतरिक्ष यात्री केंद्र में रहते हुए सैकड़ों अंतरिक्ष दवाओं व भौतिक प्रयोग करेंगे। वे दो या तीन स्पेस वाक भी कर सकते हैं। इसके अलवा वे एक रोबोट इंस्टाल करेंगे, जो अंतरिक्ष केंद्र के निर्माण में मदद करेगा।

चीनी अंतरिक्ष केंद्र के लिए यह दूसरा मानव मिशन है। अंतरिक्ष यात्री नी हईशेंग, लियु बोमिंग व तांग होंग्बो तीन महीने तक अंतरिक्ष केंद्र में रहने के बाद 17 सितंबर को पृथ्वी पर लौट चुके हैं। तियान्हे के निर्माण की शुरुआत 29 अप्रैल को हुई थी। पहले शेनझोउ (दिव्य पोत)-12 मिशन के तीन अंतरिक्ष यात्रियों से बात करते हुए चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने इस परियोजना को मील का पत्थर बताया था।

हाल के मंगल व पूर्व के चंद्र मिशनों के बाद इस अंतरिक्ष परियोजना को चीन के लिए सबसे प्रतिष्ठित व सामरिक रूप से महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। कम ऊंचाई वाली कक्षा में स्थित इस अंतरिक्ष केंद्र से दुनिया पर 24 घंटे नजर रखी जा सकेगी। अंतरिक्ष केंद्र अगले साल तक तैयार हो जाएगा। इसके साथ ही चीन इकलौता देश बन जाएगा, जिसका अपना अंतरिक्ष केंद्र होगा। पुराना हो रहा अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (आइएसएस) कई देशों की संयुक्त परियोजना है।

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