लद्दाख में खराब गर्म कपड़ों से चीनी सेना की हालत खराब, 12 हजार फीट की ऊंचाई पर अनुभवहीन सैनिकों के हौसले पस्त

लद्दाख सेक्टर में जैसे जैसे तापमान नीचे जा रहा है चीनी सेना की हालत खराब होने लगी है।

पूर्वी लद्दाख में जैसे जैसे ठंड जोर पकड़ रही है चीनी सेना के हौसले पस्‍त होने लगे हैं। तेजी से गिर रहे तापमान के चलते चीनी सैनिकों की दुर्गति शुरू हो गई है। चीन की ओर से उपलब्ध कराए गए खराब गर्म कपड़ों ने उनकी परेशानियों को बढ़ा दिया है।

Publish Date:Thu, 26 Nov 2020 08:04 PM (IST) Author: Krishna Bihari Singh

ताइपे, एएनआइ। लद्दाख सेक्टर में जैसे जैसे तापमान नीचे जा रहा है चीनी सेना की हालत खराब होने लगी है।सर्दी बढ़ते ही तापमान तेजी से गिर रहा है और ऐसी स्थिति में अनुभवहीन चीनी सैनिकों की दुर्गति शुरू हो गई है। इन दिक्कतों को चीनी सरकार से उपलब्ध खराब गर्म कपड़ों ने और ज्यादा बढ़ा दिया है।

ज्ञात हो कि पूर्व में गर्मी के मौसम में गलवान घाटी और पैंगोंग में भारतीय सेना ने चीनी सेना को पीछे खदेड़ दिया था, जिसके बाद से ये सैनिक अपने क्षेत्र में 12 हजार फीट की ऊंचाई बने हुए हैं। इन्हें इतनी ऊंचाई पर तैनाती का कोई अनुभव नहीं है। चीन की सरकार ने भी उन्हें ऐसे कपड़े उपलब्ध कराए हैं जो नौ हजार फीट की ऊंचाई से ऊपर काम ही नहीं कर सकते हैं।

ताइवान टाइम्स के अनुसार चीन के इन सैनिकों को कपड़े उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय स्तर पर वहां के दुकानदारों से खरीद की गई थी। जिसको चीन के मुखपत्र ने इन कपड़ों के वीडियो जारी किए थे और बताया गया था कि ये सर्दियों के लिए विशेष रूप से बनाए गए हैं। अब उसकी पोल खुल रही है।

अखबार के अनुसार स्थानीय स्तर पर खरीदे गए ये कपड़े ज्यादा से ज्यादा नौ हजार फीट की ऊंचाई तक ही काम कर सकते हैं और सर्दी बढ़ने के साथ ही चीनी सैनिक हर रोज बीमार हो रहे हैं, जिन्हें हेलीकाप्टर से लिफ्ट करते हुए देखा जा रहा है।

वहीं भारतीय सेना लद्दाख में मुस्‍तैदी से डटी हुई है। यही नहीं चीनी सैनिकों पर नजर रखने के लिए नौसेना ने खास अमेरिकी ड्रोन भी लीज पर हायर किए हैं। इन सबके बीच भले ही चीनी सैनिकों की हालत खराब हो राष्ट्रपति शी चिनफिंग फरमान पर फरमान जारी कर रहे हैं।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, चिनफिंग ने सशस्त्र बलों को आदेश दिया है कि वे वास्तविक युद्ध स्थितियों में प्रशिक्षण को मजबूत बनाएं और युद्ध जीतने की अपनी क्षमता में बढोतरी करें। सनद रहे चिनफिंग ने चंद रोज पहले ही जी-20 सम्‍मेलन में विवादों को बातचीत के जरिए हर करने की वकालत की थी। 

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