पूरी दुनिया के प्रति ड्रैगन के आक्रामक होते रुख पर जानें- क्‍या है चीनी राजदूत का जवाब

चीन के राजदूत ने देश की विश्‍व के प्रति आक्रामक होती नीति को सही करार दिया है। राजदूत का कहना है कि चीन अब पहले की तरह नहीं रहा है और वो अब लगातार तरक्‍की कर रहा है। यही चीज पश्चिमी देशों को खटक रही है।

Kamal VermaThu, 17 Jun 2021 11:26 AM (IST)
विश्‍व के प्रति चीन की आक्रामक नीति पूरी तरह से सही

बीजिंग (रॉयटर्स)। चीन ने अपनी आक्रामक होती नीति को सही ठहराते हुए कहा है कि अब चीन तेजी से तरक्‍की कर रहा है, जो पश्चिम को पसंद नहीं आ रही है। इसलिए वो चीन के प्रति ज्‍यादा हमलावर हो रहा है। इस तरह के हमलों का जवाब देने के लिए इस तरह की आक्रामक नीति की सख्‍त जरूरत है। यही वजह है कि चीन का ऐसा रुख है। ये बयान चीन के फ्रांस में नियुक्‍त राजूदत ल्‍यू शाए ने चीनी सरकार की एक वेबसाइट Guancha.cn को दिए इंटरव्‍यू में दिया है। उनका ये इंटरव्‍यू बुधवार को पब्लिश किया गया था। उन्‍होंने कहा कि हम जो कुछ भी कर रहे हैं कि वो अपने अधिकारों और अपने हितों की रक्षा के लिए कर रहे हैं।

आपको बता दें कि चीन ने वर्ष 2020 के बाद से ही विश्‍व बिरादरी के प्रति बेहद आक्रामक रवैया अपनाया हुआ है। पश्चिमी जगत चीन की इस पॉलिसी को वुल्‍फ वॉरियर डिप्‍लोमेसी बताता रहा है। वहीं, चीन इसके बचाव में अब खुलकर उतर आया है। ल्‍यू ने कहा है कि पश्चिम, चीन की नीति को आक्रामक मानता है, लेकिन सच्‍चाई ये है कि ये उनके लिए है जो खुद आक्रामक हैं।

चीन के राजदूत ने उन सोशल मीडिया वेबसाइट्स पर भी अपना गुस्‍सा उतारा है, जिन्‍हें चीन में बैन कर दिया गया। उनका आरोप है कि इनके माध्‍यम से चीन के प्रति जहर उगला गया और ये सभी कुछ अमेरिका के इशारे और उनके हितों को ध्‍यान में रखते हुए ही किया गया है। अब इन देशों को चीन की नीति वुल्‍फ वॉरियर वाली लग रही है। ल्‍यू का कहना है कि चीन की पहले नीति अपनी ताकत छिपाने और समय बिताने की थी। पहले के नेताओं के लिए यही जरूरी भी था, क्‍योंकि उस वक्‍त देश को मजबूत करने की जरूरत पर ध्‍यान नहीं दिया गया था। लेकिन अब चीजें बदल रही हैं और चीन लगातार ताकतवर हो रहा है। चीन की बढ़ती ताकत से पश्चिमी जगत हैराना और परेशान हैं।

रॉयटस से बात करते हुए बीजिंग की रेंमिन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर वांग वेन ने चीन के राष्‍ट्रपति शी चिनफिंग के उस बयान पर सफाई दी है, जिसमें उन्‍होंने देश की कम्‍यूनिस्‍ट पार्टी के नेताओं से कहा था की चीन को विश्‍व के लिए और अधिक प्‍यारा बनाने के लिए काम किया जाए। ल्‍यू ने कहा कि राष्‍ट्रपति के बयान का ये अर्थ कतई नहीं लगाया जाना चाहिए कि चीन ने अपनी आक्रामकता वाली नीति में किसी तरह का कोई भी बदलाव किया है।

गौरतलब है कि चीन के राजदूत ल्‍यू को पिछले वर्ष फ्रांस की सरकार ने देश में कोरोना महामारी में हो रहे फैलाव पर दिए एक बयान के बाद तलब किया था। ल्‍यू ने कहा कि चीन को अब पहले की तरह समझना गलत होगा क्‍योंकि चीन दूसरों से कहीं अधिक ऊंचा हो गया है। उन्‍होंने कहा कि यदि आप किसी पर निशाना साधना नहीं चाहेंगे तो वो आप पर निशाना लगाने से बाज नहीं आएंगे।

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