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तिब्‍बत के मसले पर बौखलाया चीन, बदले की कार्रवाई में अमेरिकी अधिकारियों पर वीजा प्रतिबंध लगाया

बीजिंग, एएनआइ। चीन का अमेरिका से टकराव और तेज होता जा रहा है। चीन ने तिब्बत पर अहंकारी व्यवहार का हवाला देते हुए अमेरिकी अधिकारियों पर वीजा प्रतिबंध लगाया है। चीन का यह कदम अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो की उस घोषणा के बाद सामने आया है जिसमें चीन के अधिकारियों पर वीजा प्रतिबंध लगाए जाने की बात कही गई है। अमेरिका ने तिब्‍बत एक्‍ट के विरोध स्‍वरूप उक्‍त कदम उठाए जाने की बात कही थी। अमेरिका के इस कदम को गलत बताते हुए चीन ने कहा कि उसने फैसला किया है कि वह उन अमेरिकी अधिकारियों को वीजा नहीं देगा जिन्‍होंने तिब्‍बत से जुड़े मामलों में बुरा बर्ताव किया है।

चीन के इस कदम को अमेरिका के खिलाफ बदले की कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। चीन की इस घोषणा से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने कहा था क‍ि मैं आज चीन की सरकार और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अधिकारियों पर वीजा प्रतिबंधों की घोषणा कर रहा हूं जो तिब्बती क्षेत्रों में विदेशियों की पहुंच से संबंधित नीतियों के निर्माण या क्रियान्वयन में शामिल हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि उनका यह कदम ‘रेसिप्रोकल एक्सेस टू तिब्बत कानून (तिब्बत में पारस्परिक पहुंच कानून) 2018' के अनुरूप है। उन्‍होंने यह भी कहा कि चीन द्वारा तिब्बत में किए जा रहे मानवाधिकार हनन के मामलों को देखते हुए तिब्बती इलाकों तक पहुंच महत्वपूर्ण होती जा रही है।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका तिब्‍बत में सतत आर्थिक विकास, पर्यावरण संरक्षण को गति देने और चीन से बाहर तिब्बती समुदाय की स्थितियों को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम करता रहेगा। अमेरिका तिब्बति लोगों की सार्थक स्वायत्तता के लिए और उनके बुनियादी मानवाधिकारों के लिए, उनके विशिष्ट धर्म, संस्कृति और भाषायी पहचान को बरकरार रखने के लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। पोंपियो ने यह भी कहा कि कहा कि चीन, तिब्बत स्वायत्त एवं अन्य क्षेत्रों में अमेरिकी राजनयिकों, अधिकारियों, पत्रकारों और पर्यटकों को जाने से जानबूझकर रोकता रहा है।  

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