Hong Kongs electoral reform bill : हांगकांग की विधायिका में होगा चीन का दबदबा, चुनाव सुधार संबंधी बिल पेश, बेअसर रहा अंतरराष्‍ट्रीय दबाव

चुनाव सुधार संबंधी बिल पेश किया, बेअसर रहा अंतरराष्‍ट्रीय दबाव। फाइल फोटो।

हांगकांग में चुनाव सुधार के नाम पर अपनी ताकत बढ़ाने के लिए चीन ने आखिर विधेयक पेश कर ही दिया। इस विधेयक के बाद हांगकांग की विधायिका में चीन का दबदबा और बढ़ जाएगा। साथ ही लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं पर उसका नियंत्रण मजबूत होगा।

Ramesh MishraWed, 14 Apr 2021 06:35 PM (IST)

हांगकांग, एजेंसी। China changes election rules in Hong Kong:  हांगकांग में चुनाव सुधार के नाम पर अपनी ताकत बढ़ाने के लिए चीन ने आखिर विधेयक पेश कर ही दिया। इस विधेयक के बाद हांगकांग की विधायिका में चीन का दबदबा और बढ़ जाएगा। साथ ही लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं पर उसका नियंत्रण मजबूत होगा। हांगकांग में राजनीतिक स्वतंत्रता चीन के नेशनल सिक्योरिटी लॉ के आने के बाद बहुत कम हो गई है। इसको लेकर हांगकांग में जबर्दस्त प्रदर्शन भी हुए। अब अपना शिंकजा कसने के लिए चीन ने चुनाव सुधार बिल लाकर अपना पूरा कब्जा कर लिया है। चीन के इस कदम से हांगकांग में लोकतंत्र समर्थकों को भारी आधात पहुंचेगा। इसके साथ अमेरिका और यूरोपीय देशों के साथ चीन के संबंध और तल्‍ख हो सकते हैं। 

बिल के मई में पारित होने की संभावना

हांगकांग के संवैधानिक और मुख्य मामलों के सचिव एरिक त्सांग ने कहा है कि इस विधेयक से सरकार को हांगकांग में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुधार करने में मदद मिलेगी। बिल के मई में पारित होने की संभावना है। हांगकांग में सत्तर सदस्य वाली विधायिका में अब तक आधे सदस्य सीधे जनता के वोट से चुने जाते हैं। अन्य आधे सदस्यों का विभिन्न क्षेत्रों से मनोनयन होता था। नए चुनाव सुधार बिल के बाद बीस सदस्य सीधे जनता के वोट से चुने जााएंगे। लेकिन पहले के सत्तर की तुलना में विधायिका में अब नब्बे सदस्यों की संख्या होगी।

नेशनल पीपल्‍स कांग्रेस की बैठक में दिए थे संकेत

हांगकांग में नए सुरक्षा कानून को लागू करने के बाद चीन अब उसे पूरी तरह से अपनी मुठ्ठी में लेने की जुगत में लग गया है। हांगकांग में चीन विरोधी आंदोलन और उसके नेताओं को सबक सिखाने के बाद ड्रैगन वहां की व्‍यवस्‍था अपने हिसाब से कायम करना चाहता है। चीन ने अपनी कांग्रेस की बैठक में इस योजना का खुलासा किया था। चीन ने नेशनल पीपल्‍स कांग्रेस की बैठक में यह संकेत दिया था कि हांगकांग की चुनाव व्‍यवस्‍था में व्‍यापक बदलाव किए जाएंगे। चीन ने साफ किया था अब हांगकांग की बागडोर चीनी देशभक्‍त के हाथों में होगी। इय बैठक में हांगकांग के संविधान में कई अहम बदलाव के संकेत दिए गए थे। एनपीसी उपाध्‍यक्ष वांग चेन ने संकेत दिया था कि हांगकांग की चुनावी व्‍यवस्‍था में फेरबदल किया जाएगा। हांगकांग में आजादी की मांग करने वालों को राजनीतिक सत्‍ता से दूर करने का यत्‍न किया जा सकता है।

हांगकांग में खत्‍म हो रहा है विपक्ष

बता दें कि ब्रिटेन का उपनिवेश रहा हांगकांग अब चीन का एक भाग है। यहां शासन एक देश दो, व्‍यवस्‍थाओं की नीति के तहत चलता है। हांगकांग की अपनी कानून व्‍यवस्‍था है। उसका अपना एक संविधान है। हांगकांग में अभिव्‍यक्ति और प्रेस की आजादी है। उसके लिए बाकयदा कानून है। हाल के वर्षों में हांगकांग की स्‍वतंत्रता और स्‍वायत्‍तता को भारी नुकसान हुआ है। चीन की नई राष्‍ट्रीय सुरक्षा कानून के बाद वहां के सभी लोकतंत्र समर्थक विधायकों ने त्‍यागपत्र दे दिया था। इसके साथ ही हांगकांग में विपक्ष पूरी तरह से खत्‍म हो गया है। लोकतंत्र समर्थकों को स्‍थानीय चुनावों में काफी दबदबा रहता है। यह बात चीन को शुरू से अखरती रही है।

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